पाकिस्तान के छक्के छुड़ाने वाली सुपरसोनिक मिसाइल की बढ़ी दुनिया में डिमांड, ये देश कर रहे हैं मांग
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी हमलों का जवाब देने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस ने भारत की मजबूती से रक्षा की है। जिसके चलते दुनिया में इस मिसाइल की डिमांड में भारी तेजी देखने के लिए मिल रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (सौ. सोशल मीडिया )
पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई में एक ऐसा हथियार से जिसका नाम सुनते ही दुश्मन के होश उड़ गए थे। इस मिसाइल ने 100 से ज्यादा आतंकियों को जन्नत की सैर करवा दी है। ये मिसाइल कोई और नहीं बल्कि भारत और रूस के साझा प्रयास से बनायी गई सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस है।
भारत की इस जबरदस्त मिसाइल ने पाकिस्तान के 4 एयरबेस को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभायी थी। जिसके बाद से ही इस मिसाइल की डिमांड लगातार बढ़ते जा रही है। दुनियाभर के देशों में इस मिसाइल को खरीदने की रेस लगी है। बाकी के देश भी इस मिसाइल को खरीदकर अपने रक्षा क्षेत्र को भारत की ही तरह मजबूत करना चाहते हैं।
ब्रह्मोस ने छुड़ाए पाकिस्तान के छक्के
22 अप्रैल को पाकिस्तान के आतंकवादियों ने कश्मीर के पहलगाम में हमला करके 26 मासूम पर्यटकों को मौत के घाट उतार दिया था। जिसके बाद भारत ने ताबड़तोड़ एक्शन लेते हुए 7 और 8 मई की दरमियानी रात को पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक करके 9 आतंकी हमलों को तबाह कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने भी 8 और 9 मई की रात को भारत पर हमला करने का प्रयास किया लेकिन भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने इसे पूरी तरह से फेल कर दिया। इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ब्रह्मोस का उपयोग करके पाकिस्तान के 5 एयरबेस को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था।
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कौन से देश कर रहे हैं डिमांड
भारत-पाक तनाव के बीच ब्रह्मोस की ताकत देखने के बाद 17 देशों ने इसे खरीदने में रुचि दिखायी है। जिसमें से इंडोनेशिया ने इस मिसाइल के एडवांस्ड वर्जन को खरीदने में रुचि दिखायी है। ये सौदा 200 से 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर का हो सकता है। इतना ही नहीं वियतनाम भी अपने देश की सेना के लिए 700 डॉलर में ब्रह्मोस खरीदना चाहती है।
इसके अलावा मलेशिया ब्रह्मोस मिसाइल को सुखोई एसयू 30 किमी फाइटर जेट और केदाह क्लास वॉरशिप के लिए इस मिसाइल को खरीदना चाहता है। साथ ही थाईलैंड, सिंगापुर, मिस्त्र, वेनेजुएला, अर्जेंटीना, ब्राजील, चिली, सऊदी अरब अमीरात, ओमान, कतर, साउथ अफ्रीका और बुल्गारिया जैसे देशों के साथ ब्रह्मोस मिसाइल की सेल्स के लिए बातचीत लगभग फाइनल स्टेज में पहुंचेगी।
