निशांत कुमार (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bihar New CM: बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने सभी पांच सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। इसी बीच जेडीयू नेता और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने नीतीश कुमार के बेटे निशांत के राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़े संकेत दिए हैं।
राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के तीन और आरजेडी के एक विधायक के गायब रहने पर कटाक्ष करते हुए अशोक चौधरी ने मीडिया से कहा कि जो नीतीश कुमार पर व्यक्तिगत हमले करता है, उसे जनता और विधायक अपने तरीके से जवाब देते हैं। उन्होंने आरजेडी को वैचारिक लड़ाई लड़ने की चुनौती दी और कहा कि आने वाले समय में उनका एक भी एमएलसी नहीं बनेगा।
बातचीत के दौरान जब पत्रकारों ने अशोक चौधरी से पूछा कि क्या नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राज्य का डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है? इस पर उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था। मंत्री ने कहा कि भविष्य में कुछ भी हो सकता है आप उन्हें केवल डिप्टी सीएम तक ही क्यों रोक रहे हैं।
Patna, Bihar: Minister Ashok Choudhary says, “In the coming time, not even a single RJD leader will become an MLC” pic.twitter.com/WhjMSLKiU4 — IANS (@ians_india) March 16, 2026
जब उनसे पूछा गया कि क्या निशांत मुख्यमंत्री बन सकते हैं, तो उन्होंने बेबाकी से कहा कि वह क्यों नहीं बन सकते हैं। इस बयान ने उन अटकलों को और तेज कर दिया है जिनमें जेडीयू कार्यकर्ता पहले से ही निशांत को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद निशांत को पार्टी में क्या अहम जिम्मेदारी मिलती है।
दूसरी तरफ अशोक चौधरी राज्यसभा चुनाव के नतीजों से पहले काफी भावुक नजर आए। सोमवार शाम उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर नीतीश कुमार की तारीफ में एक पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बस एक ही हैं, न उनसे पहले कोई ऐसा था और न उनके बाद कोई वैसा आएगा।
यह भी पढ़ें: तेजस्वी के साथ हुआ धोखा…बीजेपी ने मारा मौके पर चौका, बिहार में राज्यसभा की पाचों सीटों पर NDA की जीत
अपनी बात को मजबूती देने के लिए उन्होंने वरिष्ठ अर्थशास्त्री प्रो. शमिका रवि की एक रिपोर्ट का हवाला दिया। चौधरी ने लिखा कि इस रिपोर्ट से भी साबित होता है कि माननीय नेता ने बिहार और बिहारवासियों के लिए जो कार्य किए हैं, वैसा उदाहरण बहुत कम देखने को मिलता है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, कानून-व्यवस्था और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में हुए कार्यों ने बिहार की दशा और दिशा बदल दी है।