बिहार की ‘मुखिया दीदी’ का तेजस्वी से मोहभंग, रितु जायसवाल अब थामेंगीं बीजेपी का दामन, बदलेगा सियासी समीकरण!
Ritu Jaiswal joins BJP: बिहार राजद की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल ने मंगलवार को औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
रितु जायसवाल, फोटो- सोशल मीडिया
Ritu Jaiswal is Joining Bihar: बिहार की राजनीति में एक और बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रहा है। कभी तेजस्वी यादव की टीम की सबसे मुखर और तेज-तर्रार महिला आवाज मानी जाने वाली रितु जायसवाल अब भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने जा रही हैं।
‘मुखिया दीदी’ के नाम से फेमस रितु जायसवाल का यह फैसला केवल एक दल बदलना नहीं है, बल्कि इसे उत्तर बिहार के वैश्य और महिला मतदाताओं को साधने की भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
मंगलवार को अटल सभागार में होगी ‘केसरिया’ जॉइनिंग
रितु जायसवाल मंगलवार 26 मई को पटना के प्रदेश भाजपा कार्यालय के अटल सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करेंगी। इस जॉइनिंग के लिए दोपहर 12:19 बजे से 1:09 बजे के बीच का समय निर्धारित किया गया है। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा है कि वे इस कार्यक्रम को पूरी तरह सादगीपूर्ण और गरिमामय रखना चाहती हैं।
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समर्थकों से की ये खास अपील
अमूमन नेताओं की जॉइनिंग के समय शक्ति प्रदर्शन के लिए गाड़ियों का लंबा काफिला निकाला जाता है, लेकिन रितु जायसवाल इस परंपरा को तोड़ते हुए दिखाई दे सकती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा और ईंधन संरक्षण के संदेश का हवाला देते हुए समर्थकों से अपील की है कि वे अनावश्यक भीड़ न बढ़ाएं। उन्होंने आग्रह किया है कि जो कार्यकर्ता पटना आना चाहते हैं, वे निजी गाड़ियों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें या गाड़ियां शेयर करके आएं, ताकि ईंधन की बर्बादी को रोका जा सके।
कहां से शुरू हुई बगावत की दास्तां?
रितु जायसवाल और राजद के बीच दूरियां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान ही बढ़ने लगी थीं। वे राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष थीं, लेकिन जब परिहार सीट से पार्टी ने उनका टिकट काटकर रामचंद्र पूर्वे की बहू को उम्मीदवार बनाया, तो उन्होंने बगावती तेवर अपना लिए।
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साल 2020 के विधानसाभा चुनाव में मामूली अंतर से हारने वाली रितु ने पिछले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़कर 60 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए। इसी बगावत के चलते आरजेडी ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
शिक्षित नेतृत्व और वैश्य वोट बैंक पर भाजपा की पैनी नजर
मुंबई से आकर सीतामढ़ी की सिंहवाहिनी ग्राम पंचायत की मुखिया बनकर राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली रितु जायसवाल वैश्य समाज से आती हैं और सीतामढ़ी, शिवहर व आसपास के जिलों के युवाओं और महिलाओं के बीच उनकी गहरी पैठ मानी जाती है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि भाजपा रितु को अपने पाले में लाकर न केवल वैश्य वोट बैंक को मजबूत करेगी, बल्कि आगामी चुनावों में उन्हें एक बड़े और विश्वसनीय चेहरे के रूप में पेश कर सकती है।
