अतिक्रमण गिराता बुलडोजर।
Bulldozers Action in Bihar: बिहार के समस्तीपुर जिले में प्रशासन अतिक्रमण के खिलाफ फुल एक्शन मोड में है। अगर, आपने सड़क को अपने कब्जे में कर रखा है तो सावधान हो जाइए। अब डीएम के आदेश ने शहर के अतिक्रमणकारियों की नींद उड़ा दी है। अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान की शुरुआत होते ही अतिक्रमणकारियों में भगदड़ मच गई है। जो सड़कें कभी पैदल चलने वालों के लिए भी छोटी पड़ती थीं, वहां नगर निगम का बुलडोजर (जेसीबी) गरजने लगा है। इस दौरान अतिक्रमण हटाने का विरोध करते हुए एक महिला रोने लगी। उन्होंने कहा कि उसने वोट देकर सरकार बनवाई, लेकिन अब उसे ये सजा मिल रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सड़क पर दुकान सजाने वालों की वजह से न सिर्फ यातायात बाधित होता है, बल्कि आम जनता को नारकीय स्थिति का सामना करना पड़ता है। मगरदही घाट पर गुरुवार को जो हुआ, वो उन सबके लिए एक सबक है, जो कानून को ठेंगे पर रखते हैं।
मगरदही घाट पर लोग रोज की तरह दुकान सजा रहे थे, तभी नगर निगम की टीम बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ आ धमकी। अवैध कब्जा हटाने का अभियान शुरू होते ही इलाके में हड़कंप मच गया। जो दुकानदार हाल तक सड़क घेरकर सीना चौड़ा करते थे, वो अपना सामान समेटने की जगह तलाश रहे थे। नगर निगम के बुलडोजर ने सड़क पर किए गए अवैध कब्जों को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया। अधिकारियों का कहना है कि शहर की सड़कों पर दुकानों का जाल बिछाकर आम जनता का रास्ता रोका जा रहा था। जाम से घुटते समस्तीपुर को सांस लेने की जगह देने के लिए यह कार्रवाई की गई है।
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कार्रवाई के दौरान माहौल तब गरमाया, जब कुछ दुकानदारों ने प्रशासन को चुनौती देने की कोशिश की। विरोध बढ़ा तो पुलिस ने भी हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस कर्मियों ने चंद मिनटों में विरोधियों को किनारे लगा दिया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी काम में बाधा डालने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। अतिक्रमण हटाने का विरोध करते हुए एक महिला रोते हुए बोली कि नगर निगम प्रशासन ने सिर्फ अतिक्रमण ही नहीं हटाया है, हमारा रोजी-रोजगार छीन लिया है। वहीं, प्रशासन ने इस कार्रवाई से एक कड़ा संदेश भी दिया है। अधिकारियों ने दो टूक कहा या तो खुद हट जाइए, वरना बुलडोजर तो चलेगा। इसके साथ में जेब भी ढीली होगी। अब चालान और कानूनी कार्रवाई की तलवार हर उस शख्स पर लटकी है जिसने फुटपाथ को अपनी दुकान बना लिया है।