तेजस्वी यादव की सुरक्षा।
Tejashwi Yadav Security: बिहार में नेताओं की सुरक्षा में बदलाव हुआ है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत कई नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई है। दूसरी ओर राजद नेता तेजस्वी यादव की सुरक्षा घटाई गई। वहीं, कुछ नेताओं की सुरक्षा हटा ली गई है। तेजस्वी की सुरक्षा घटी है। उन्हें पहले Z सुरक्षा मिली थी। अब Y+ सुरक्षा होगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की सुरक्षा हटा ली गई है।
सरकार ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सुरक्षा को Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। साथ ही जेडीयू सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को Z कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है।
भाजपा सांसद संजय सरावगी, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को Z कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। मंत्री गिरिराज सिंह को Y की जगह Y+ सुरक्षा दी गई। बता दें, चुनाव से पहले तेजस्वी यादव की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। पहले उनके पास Y+ सिक्योरिटी थी, जिसे बढ़ाकर Z की गई थी। फिर उनकी Y+ सिक्योरिटी की गई है।
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देश में मिलने वाली 6 सुरक्षा श्रेणियों में एसपीजी सर्वोच्च सुरक्षा श्रेणी है। यह सुरक्षा केवल प्रधानमंत्री को दी जाती है। फिर Z+ सुरक्षा और Z सुरक्षा है। जेड सुरक्षा तीसरी सबसे उच्च सुरक्षा श्रेणी है।
X सिक्योरिटी: 2 सुरक्षा गार्ड होते हैं। एक PSO (व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी) होता है।
Y सिक्योरिटी: 11 सुरक्षाकर्मी होते हैं। दो PSO (निजी सुरक्षागार्ड) होते हैं। इसमें कमांडो नहीं होता है।
Y+ सिक्योरिटी: 11 सुरक्षाकर्मी होते हैं। इनमें 1 या 2 कमांडो और 2 PSO होते है। इसके तहत कपिल मिश्रा को 24 घंटे दिल्ली पुलिस का एक सिपाही बतौर निजी सुरक्षा अधिकारी के तौर पर मिला है।
Z सिक्योरिटी: चार से पांच NSG कमांडो समेत 22 सुरक्षागार्ड होते हैं। इसमें दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो व पुलिसकर्मी भी होते हैं।
Z+ सिक्योरिटी: स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप की सुरक्षा के बाद जेड प्लस सर्वोच्च सुरक्षा श्रेणी है। इसमें संबंधित विशिष्ट व्यक्ति की सुरक्षा में 36 जवान होते हैं। 10 से ज्यादा एनएसजी कमांडो, दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो और राज्य पुलिसकर्मी होते हैं।
SPG सिक्योरिटी: यह सुरक्षा का सबसे ऊंचा स्तर है। ये देश की सबसे पेशेवर एवं आधुनिकतम सुरक्षाबलों में से एक है। इसकी शुरुआत इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1985 में हुई थी। यह सुरक्षा प्रधानमंत्री या पूर्व प्रधानमंत्री को दी जाती है।