लालू की दोनों संतानों में सियासी घमासान, राघोपुर पहुंचकर तेज ने तेजस्वी के खिलाफ किया जंग का ऐलान
Tej Pratap: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तेज प्रताप यादव ने अपनी सक्रियाता बढ़ाने के लिए तमाम हथकंडे अपना रहे हैं। ऐसे में वे अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधने में पीछे नहीं हट रहे हैं।
- Written By: पूजा सिंह
तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव (सौजन्य सोशल मीडिया)
Tej Pratap Yadav’s Statement: बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद यादव के परिवार का नाम हमेशा सुर्खियों में रहता है। जहां तेजस्वी यादव पिता के पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का चेहरा बनकर आगे बढ़ रहे हैं, वहीं बड़े भाई तेज प्रताप यादव बार-बार यह संदेश देने की कोशिश करते नजर आते हैं कि, वे सिर्फ लालू यादव के बेटे नहीं, बल्कि अपनी अलग राजनीतिक पहचान भी गढ़ सकते हैं। अपने दम पर राजनीति में पैर जमाने की कोशिश कर रहे तेज प्रताप यादव न सिर्फ नीतिश सरकार पर सवाल उठाए, बल्कि अपने छोटे भाई और राघोपुर विधायक तेजस्वी यादव को भी कटघरे में खड़ा कर दिया।
दरअसल तेज प्रताप यादव मंगलवार को राघोपुर पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘लोग भूखे-प्यासे हैं, घरों से बेघर हो गए हैं, लेकिन जिनको जनता ने चुना है, वे आराम से अपने घर में बैठे हैं। जनता नेता को इसलिए चुनती है ताकि संकट की घड़ी में वो साथ खड़ा रहे, न कि गायब हो जाए।’
बिना नाम लिए छोटे भाई पर साधा निशाना
बता दें कि, राघोपुर विधानसभा सीट से तेजस्वी यादव विधायक हैं। यहां पहुंचकर तेज प्रताप ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होने नीतीश सरकार को घेरा, साथ ही बिना नाम लिए प्रताप ने कहा कि यहां के सांसद और विधायक भी लोगों को सहायता नहीं पहुंचा रहे हैं।
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‘निकम्मी और कोमा में जा चुकी सरकार को उखाड़ फेंको’
पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि, आज वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा अंतर्गत विदुपुर ब्लॉक के विभिन्न पंचायत पूरे तरीके से बाढ़ से प्रभावित हो चुका है। इस विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश पंचायत और गांव बाढ़ के कारण डूब चुके हैं, लेकिन भाजपा नीतीश सरकार द्वारा और यहां के सांसद और विधायक द्वारा भी किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं पहुंचाई जा रही है। जब मुझे राघोपुर क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने मुझे अपनी समस्या से अवगत करवाया तब मुझसे रुका नहीं गया और आज हमने खुद जाकर बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात किया और उन्हें राहत सामग्री और मेडिकल सहायता देने का काम किया। सरकार और नेता बाढ़ से प्रभावित बिहार के लोगों से मिलने तक नहीं जा पा रहे हैं, राहत सामग्री और अन्य मेडिकल सहायता प्रदान करना तो बहुत दूर की बात है। ऐसी निकम्मी और कोमा में जा चुकी सरकार को इस बार उखाड़ फेंकना है। तभी बिहार से पलायन और बाढ़ जैसी आपदा को रोका सकता है।
आज वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा अंतर्गत विदुपुर ब्लॉक के विभिन्न पंचायत पूरे तरीके से बाढ़ से प्रभावित हो चुका है। इस विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश पंचायत और गांव बाढ़ के कारण डूब चुके हैं, लेकिन भाजपा नीतीश सरकार द्वारा और यहां के सांसद और विधायक द्वारा भी किसी प्रकार की कोई… pic.twitter.com/aMEyrRh4lx — Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) September 9, 2025
महुआ सीट से चुनाव लड़ने तेज प्रताप
पिता द्वारा पार्टी से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप ने अपने दम पर राजनीति में पैर जमाने की कोशिश कर रहे हैं। इसकी कड़ी में उन्होंने कुछ दिन पहले 5 राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन कर वैशाली की महुआ सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया हैं। ऐसे में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर उनकी सक्रियाता बढ़ा गई है।
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तेज प्रताप के बयान बढ़ाई सियासी हलचल
तेज प्रताप यादव के इस बयान ने आरजेडी के भीतर खलबली मचा दी है। इस बयान से साफ है कि बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में नई सियासी खीचतान देखने को मिलेगी। बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात का बहाना हो या फिर परिवार में पॉलिटिकल मैसेज देना हो, तेज प्रताप का यह बयान सियासी गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
