Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

तेजस्वी यादव की RJD में कद के साथ जवाबदेही भी बढ़ी, परिवारवाद से लेकर पार्टी बचाने तक क्या हैं चुनौतियां?

RJD Working President Tejashwi Yadav: राष्ट्रीय जनता दल में तेजस्वी यादव का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना सिर्फ एक पद परिवर्तन नहीं, बल्कि सत्ता, संगठन और विरासत की कमान सौंपने जैसा है।

  • Written By: अर्पित शुक्ला
Updated On: Jan 26, 2026 | 01:35 PM

तेजस्वी यादव (Image- Social Media)

Follow Us
Close
Follow Us:

Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “सत्य जितना परेशान होना था हो चुका है, अब सत्य की विजय का समय शुरू होगा।” इस एक पंक्ति में आत्मविश्वास भी झलकता है और राजनीतिक चुनौती का संकेत भी। लालू प्रसाद यादव के बाद अब पार्टी की पूरी कमान तेजस्वी यादव के हाथ में आ गई है। यह ताजपोशी जितनी स्वाभाविक दिखती है, उतनी ही कठिन भी है, क्योंकि अब हर जीत, हर हार और हर फैसले की सीधी जिम्मेदारी तेजस्वी यादव पर ही होगी।

राजद में पहले भी नेतृत्व परिवार के भीतर सौंपा गया है, लेकिन यह पहला मौका है जब लालू प्रसाद यादव की छाया लगभग पूरी तरह हट चुकी है। अब संगठन, रणनीति, गठबंधन और चुनावी फैसलों में अंतिम निर्णय तेजस्वी यादव का होगा। इसका मतलब साफ है कि किसी भी हार की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर आएगी। अब यह कहना आसान नहीं रहेगा कि फैसले ऊपर से हुए या हालात मजबूरी के थे।

तेजस्वी यादव की पोस्ट से संकेत मिलता है कि वे आक्रामक राजनीतिक रुख अपनाने के मूड में हैं। वे गांधी, लोहिया और अंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हैं, जिससे साफ है कि वे खुद को गरीबों और पिछड़ों की आवाज के रूप में पेश करना चाहते हैं। हालांकि इसके साथ उनकी चुनौतियां भी कई गुना बढ़ गई हैं। यह समय सिर्फ विरोध की राजनीति का नहीं, बल्कि भरोसा कायम करने का भी है। परिवार, संगठन और गठबंधन के बीच संतुलन साधना आसान नहीं होगा, लेकिन अगर तेजस्वी इन चुनौतियों को अवसर में बदलते हैं, तो राजद को नई दिशा मिल सकती है। आइए जानते हैं वे बड़ी चुनौतियां, जो तेजस्वी यादव के नेतृत्व की असली परीक्षा लेंगी….

सम्बंधित ख़बरें

गणतंत्र दिवस पर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला: बोले- ‘संविधान की मूल भावना पर प्रहार कर रही तानाशाह ताकतें’

‘कठपुतली बने शहजादे को ताजपोशी मुबारक’, तेजस्वी को मिली RJD की कमान, तो बहन रोहिणी ने भाई पर कसा तंज

RJD अध्यक्ष बनते ही तेजस्वी यादव ने भरी हुंकार: PM मोदी को दे डाली सीधी चुनौती, चलाएंगे ये बड़ा अभियान

तेजस्वी यादव के ‘राजतिलक’ की तैयारी! पटना में RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में होगा बड़ा फैसला

चुनावी हार की छाया से बाहर निकलना

तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद ने पिछला विधानसभा चुनाव लड़ा था और करारी हार का सामना किया। भले ही वोट शेयर बना रहा हो और पार्टी सबसे बड़ी अकेली पार्टी रही हो, लेकिन हकीकत यह है कि राजद सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई। तेजस्वी ने भले ही सिस्टम को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया हो, लेकिन हार के बाद कार्यकर्ताओं में गहरी निराशा है। अब सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को दोबारा खड़ा करने और मतदाताओं का भरोसा लौटाने की है। विपक्ष और पार्टी के भीतर यह सवाल अब भी मौजूद है कि क्या तेजस्वी चुनाव जिताने वाले नेता साबित हो पाएंगे।

परिवारवाद के आरोप से निपटना

तेजस्वी यादव की ताजपोशी ने परिवारवाद के पुराने आरोपों को फिर से हवा दे दी है। खासकर ऐसे समय में, जब बीजेपी खुद को आंतरिक लोकतंत्र वाली पार्टी के रूप में पेश कर रही है। तेजस्वी के सामने चुनौती है कि वे संगठन को परिवार से अलग पहचान दें। अगर नए और गैर-पारिवारिक चेहरों को आगे नहीं बढ़ाया गया, तो यह आरोप और मजबूत होगा।

पार्टी के भीतर असंतोष और टूट का खतरा

तेजस्वी यादव की बड़ी बहन रोहिणी आचार्य और तेज प्रताप यादव से जुड़े विवादों ने साफ कर दिया है कि राजद का पारिवारिक संकट अब सार्वजनिक हो चुका है। रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं, वहीं मीसा भारती को भी इस पद की उम्मीद थी। लालू परिवार के कई सदस्य राजनीति में सक्रिय हैं, ऐसे में यह अंदरूनी कलह पार्टी की एकता को नुकसान पहुंचा सकती है। तेजस्वी के लिए परिवार को एकजुट रखना बड़ी चुनौती होगी।

गठबंधन राजनीति में भरोसेमंद नेतृत्व

तेजस्वी यादव ने सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ मिलकर लड़ने की बात कही है, लेकिन बिहार की गठबंधन राजनीति बेहद नाजुक है। कांग्रेस, वाम दलों और अन्य सहयोगियों के साथ तालमेल बनाए रखना आसान नहीं है। तेजस्वी को यह साबित करना होगा कि वे सिर्फ सीट बंटवारे तक सीमित नेता नहीं, बल्कि गठबंधन को दिशा देने वाले नेता हैं।

जातीय राजनीति से आगे बढ़ना

राजद की पहचान लंबे समय तक जातीय राजनीति पर टिकी रही है, लेकिन बदलते बिहार में अब सिर्फ जाति के सहारे चुनाव जीतना मुश्किल होता जा रहा है। रोजगार, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दे ज्यादा असर डाल रहे हैं। महिला मतदाताओं की भूमिका भी लगातार मजबूत हो रही है। ऐसे में तेजस्वी के सामने चुनौती है कि वे सामाजिक न्याय की राजनीति को विकास और अवसर की भाषा से जोड़ें।

बीजेपी के मजबूत संगठन का मुकाबला

बीजेपी बिहार की सबसे संगठित राजनीतिक ताकत मानी जाती है। बूथ स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक पार्टी की रणनीति स्पष्ट और आक्रामक है। जेडीयू-बीजेपी गठबंधन सत्ता में है, जबकि तेजस्वी विपक्ष की भूमिका में हैं। ऐसे में सिर्फ भाषणों से नहीं, बल्कि मजबूत संगठन और वैकल्पिक एजेंडे के जरिए मुकाबला करना होगा।

राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाना

तेजस्वी यादव अब सिर्फ बिहार के नेता नहीं रह गए हैं। राजद इंडिया गठबंधन का हिस्सा है और कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनकी भूमिका राष्ट्रीय राजनीति में भी बढ़ेगी। बिहार से बाहर पार्टी का विस्तार करना आसान नहीं होगा। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के बड़े नेताओं राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल के बीच तेजस्वी को अपनी अलग पहचान बनानी होगी।

यह भी पढ़ें- Padma Awards: 5 में से 3 पद्म विभूषण केरल वालों को…शशि थरूर ने जताई खुशी, कही ये बात

तेजस्वी यादव का राजनीतिक कद जरूर बढ़ा है, लेकिन बिहार की राजनीति बेहद कठिन है। वे अपने पिता लालू प्रसाद यादव की बड़ी विरासत संभाल रहे हैं। राजनीति में आत्मविश्वास तभी टिकता है, जब वह संगठन, रणनीति और नतीजों से जुड़ा हो। राजद को नई दिशा देने की जिम्मेदारी अब पूरी तरह तेजस्वी के कंधों पर है। आने वाला समय तय करेगा कि यह ताजपोशी सत्ता की सीढ़ी साबित होती है या जिम्मेदारियों का भारी बोझ। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, तेजस्वी का समय आ चुका है, लेकिन सफलता उनके धैर्य और मेहनत पर निर्भर करेगी।

Rjd working president tejashwi yadav coronation big challenges bihar politics

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 26, 2026 | 01:35 PM

Topics:  

  • Bihar Politics
  • Lalu Yadav
  • Tejashwi Yadav

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.