तेज प्रताप यादव, फोटो: सोशल मीडिया
Tej Pratap meeting with SP Leaders: तेज प्रताप ने स्थानीय सपा नेताओं और पदाधिकारियों से करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक की, जिसमें आगामी चुनावों को लेकर अहम चर्चाएं हुईं। इस मुलाकात के बाद अब सियासत के गलियारे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे समाजवादी पार्टी का दामन थामने जा रहे हैं?
राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं थी। यह तेज प्रताप यादव के नए सियासी सफर की शुरुआत का संकेत मानी जा रही है। बता दें कि राजद से दूरी बनाने के बाद तेज प्रताप पहले ही अखिलेश यादव से फोन पर लंबी बातचीत कर चुके हैं। अटकलें हैं कि उसी बातचीत में उन्हें सपा में आने का न्योता भी दिया गया था।
सूत्रों के मुताबिक तेज प्रताप और समाजवादी पार्टी के बिहार प्रभारी धर्मवीर यादव के बीच बंद कमरे में करीब एक घंटे तक बैठक हुई। धर्मवीर यादव ने बताया कि, “हमने तेज प्रताप से INDIA गठबंधन को मजबूत करने की बात की है, बाकी चीजें समय आने पर बताई जाएंगी।” उधर तेज प्रताप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वे खुद की टीम के साथ सक्रिय राजनीति में उतरने की योजना बना रहे हैं। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान उन्होंने खुद कहा था कि उनकी कार पर ‘टीम तेज प्रताप’ का झंडा है और उन्होंने फिर महुआ से चुनाव लड़ने का संकेत भी दिया था।
हाल ही में तेज प्रताप यादव ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल से न सिर्फ राजद का हैंडल, बल्कि परिवार के कई सदस्यों को भी अनफॉलो कर दिया था। उन्होंने अपनी राजनीतिक दिशा को लेकर भी संकेत दिया था कि वे अब स्वतंत्र और आक्रामक रुख अपनाएंगे। तेज प्रताप का सपा कार्यालय पहुंचना कई सवालों को जन्म देता दिखाई दे रहा है। क्या वे जल्द ही सपा में शामिल होकर अपने राजनीतिक करियर को नई दिशा देंगे? क्या यह INDIA गठबंधन को मजबूत करने की रणनीति है या फिर किसी तीसरे मोर्चे की शुरुआत?
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इन सवालों के जवाब अभी किसी के पास नहीं हैं। कयास लगाया जा रहा है कि जल्द ही तेज प्रताप यादव इसपर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं। अभी तक तेज प्रताप या सपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले तेज प्रताप कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं।