दही-चूड़ा भोज के बहाने लालू परिवार में लौटी मिठास! तेजस्वी से मिले तेजप्रताप, भतीजी को भी दुलारा; देखें PHOTOS

Tej Pratap Meets Tejashwi: RJD से निष्कासन के बाद पहली बार तेजप्रताप यादव अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव से मिले। उन्होंने तेजस्वी और माता-पिता को मकर संक्रांति के 'ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज' का न्योता दिया।
Sweetness returns to the Lalu family on the pretext of a curd-and-puffed-rice feast! Tej Pratap meets Tejashwi, and also showers affection on his niece; see PHOTOS.
तेज प्रताप और तेजस्वी यादव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Lalu Prasad Yadav Family News: मकर संक्रांति के पर्व से ठीक एक दिन पहले बिहार की सियासत और लालू परिवार में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है। अपनी पार्टी आरजेडी से निकाले जाने के बाद तेजप्रताप यादव पहली बार अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव से मिले। तेजप्रताप ने इस मुलाकात की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा कीं, जिसमें वे परिवार के साथ नजर आ रहे हैं।

माता-पिता का लिया आशीर्वाद

10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पहुंचकर तेजप्रताप ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव और माता राबड़ी देवी से आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने तेजस्वी यादव की बेटी कात्यायनी को गोद में लेकर दुलार किया, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया पर एक "अद्भुत पल" बताया। यह मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि पार्टी से निष्कासन के बाद दोनों भाइयों के बीच यह पहली आधिकारिक भेंट है।

'ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज' का निमंत्रण

तेजप्रताप यादव ने तेजस्वी यादव (बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष) को 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले "ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज" के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया। तेजप्रताप ने इसके लिए विधिवत निमंत्रण पत्र भी सौंपा।

NDA मंत्रियों को भी न्योता

दिलचस्प बात यह है कि तेजप्रताप ने इस भोज के लिए केवल अपने परिवार को ही नहीं, बल्कि बिहार सरकार के कई मंत्रियों को भी आमंत्रित किया है। उन्होंने डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, अशोक चौधरी, रामकृपाल यादव और दिलीप कुमार जायसवाल जैसे दिग्गज नेताओं से मिलकर उन्हें निमंत्रण दिया है। हाल ही में उन्हें विजय सिन्हा के भोज में भी देखा गया था, जिससे उनके एनडीए (NDA) में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

नई पार्टी और चुनावी हार

आरजेडी से अलग होने के बाद तेजप्रताप ने जनशक्ति जनता दल नाम की अपनी अलग पार्टी बनाई थी। इसी पार्टी के टिकट पर उन्होंने महुआ सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा और वे तीसरे नंबर पर रहे। इससे पहले 2020 में वे हसनपुर से विधायक चुने गए थे, लेकिन 2025 के चुनाव में सीट बदलने का फैसला उनके लिए सही साबित नहीं हुआ।

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