सम्राट कैबिनेट निशांत कुमार की होगी एंट्री! मंत्रिमंडल में शामिल होंगे नए चेहरे, बिहार में सियासी हलचल तेज

Bihar Cabinet Nishant Kumar: बिहार में कल (7, मई) को सम्राट चौधरी की सरकार का कैबिनट विस्तार होगा। इस दौरान मंत्रिमंडल में एक निशांत कुमार का नाम चर्चा का विषय बन गया है।
Samrat choudhary Cabinet Nishant Kumar can Join Council of Ministers Bihar
सम्राट चौधरी और निशांत कुमार (सौजन्य-IANS)
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Bihar Cabinet Expansion: बिहार में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। 7 मई को सम्राट चौधरी कैबिनेट विस्तार में मंत्री पद की शपथ लेंगे। कैबिनेट विस्तार से पहले ही एक नाम चर्चा का विषय बन गया है। सूत्रों के अनुसार, 7 मई को होने वाले कैबिनेट विस्तार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी मंत्री पद की शपथ ले सकते है।

निशांत कुमार लंबे समय से राजनीति से दूरी बनाए रखी थी, लेकिन अब अचानक उनका नाम सामने आने से हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने इससे पहले मंत्री बनने से इनकार कर दिया था और प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। उन्होंने राजनीति से अपनी दूरी बना ली थी।

मंत्री बनने से निशांत कुमार ने किया था इनकार

हालांकि, जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों ने उन्हें मनाने के लिए मिलकर काफी प्रयास किए। उनका मंत्री पद स्वीकार करना और राजनीति में फिर से सक्रिय भूमिका निभाना, पार्टी और राज्य की राजनीति दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना साबित हो सकता है। फ़िलहाल, निशांत कुमार यात्रा पर हैं, जिस वजह से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि जारी नहीं की गई है। काफी समय तक मनाए जाने के बाद, निशांत कुमार ने आखिरकार यह जिम्मेदारी उठाने के लिए सहमति दे दी है। निशांत कुमार का मंत्रिमंडल में आना बिहार की राजनीति में नई पीढ़ी का आगमन की तरह होगा। इसलिए सभी की नजर 7 मई को होने वाले कैबिनेट विस्तार पर टिकी हुई है।

मंत्रिमंडल में इन नामों की शामिल होने की संभावना तेज

  • निशांत कुमार
  • शीला मंडल
  • बुलो मंडल
  • रत्नेश सादा
  • श्वेता गुप्ता
  • भगवान सिंह कुशवाहा

पुराने चेहरे दिखेंगे

जेडीयू ने अपने मंत्रिमंडल गठन को लेकर व्यापक सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है। सूत्रों की माने तो, पार्टी में अभी भी पुराने मंत्रियों को वापस से मंत्री पद मिल सकता है। साथ ही नए चेहरों को मिलाकर जातीय संतुलन बनाकर मजबूत करने की संभावना है।

सम्राट चौधरी की सरकार महादलित वोट बैंक पर अपनी नजर गढ़ाए हुए है। इस रणनीति के अनुसार 3 अति पिछड़े नेताओं में श्वेता गुप्ता, शीला मंडल और बुलो मंडल को मंत्रिमंडल में जगह देने की तैयारी है। इसके साथ ही जेडीयू कोटे से भगवना सिंह कुशवाहा और रत्नेश सादा के नाम भी चर्चा में है। भगवान सिंह कुशवाहा शाहाबाद इलाके में कुशवाहा समुदाय से आते है, जबकि रत्नेश सादा महादलित वर्ग से बड़े नेता माने जाते है। बिहार में सामाजिक संतुलन बनाने के लिए इनका नाम शामिल करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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