राजद विधायकों के खिलाफ प्रदर्शन करते विधायक। इमेज-सोशल मीडिया
Bihar Vidhansabha Today News : बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का 10वां दिन हंगामे और सियासी टकराव की भेंट चढ़ गया। आज सदन में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक भाई वीरेंद्र ने दिवंगत दलित नेता और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक राम विलास पासवान को बेचारा कह दिया। इस शब्द को लेकर सत्ता पक्ष और विशेषकर चिराग पासवान की पार्टी के विधायकों ने मोर्चा खोल दिया। इसके चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
हंगामे की चिंगारी तब सुलगी, जब लोजपा (रामविलास) के विधायक राजू तिवारी ने भाई वीरेंद्र की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राम विलास पासवान ने 50 साल तक सक्रिय राजनीति की और छह प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया। उन्हें बेचारा कहना न केवल उनका, बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है। लोजपा विधायकों ने सदन के भीतर राम विलास पासवान जिंदाबाद के नारे लगाए और पोस्टरों के जरिए उन्हें देश का दूसरा अंबेडकर बताया।
विवाद की जड़ें पिछले दिनों राजद विधायक सर्वजीत की एक टिप्पणी से जुड़ी हैं, जिसमें उन्होंने रामविलास पासवान के लिए इसी शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके विरोध में रविवार को लोजपा कार्यकर्ताओं ने तेजस्वी यादव का पुतला भी फूंका था।
#WATCH | Patna, Bihar: LJP-Ram Vilas MLAs stage a protest over the remarks against late Ram Vilas Paswan made by the RJD leader. pic.twitter.com/t5RBhtJRLK — ANI (@ANI) February 16, 2026
दूसरी ओर भाई वीरेंद्र ने अपनी सफाई में कहा कि बेचारा शब्द अपमानजनक नहीं है और सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए तिल का ताड़ बना रही है। राजद नेताओं का तर्क था कि किसी को सहानुभूति वश बेचारा कहना दलित विरोधी मानसिकता का परिचायक नहीं हो सकता। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार आरक्षण और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा से भाग रही है।
#WATCH | Patna, Bihar: LJP-Ram Vilas MLA, Murari Prasad Gautam says, “The RJD members and their leaders have never had a vision or a plan for Bihar… Ram Vilas never needed anyone… They should definitely apologise for this…” https://t.co/xmdHgNfrwz pic.twitter.com/mDHgCVvhun — ANI (@ANI) February 16, 2026
यह भी पढ़ें : ‘पिता ने मुस्लिम CM के लिए पार्टी कुर्बान कर दी, फिर भी…’, चिराग पासवान ने RJD का अतीत याद दिलाया
सदन के बाहर भी सियासी पारा चढ़ा रहा। राजद विधायकों ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर नीतीश सरकार को आरक्षण विरोधी करार दिया। विपक्ष की मुख्य मांग 85 फीसदी आरक्षण को तत्काल लागू करने की थी। आरक्षण देना होगा और सरकार जवाब दो के नारों के बीच विपक्षी सदस्यों ने स्पष्ट किया कि वे सामाजिक न्याय के मुद्दे पर झुकने वाले नहीं हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि बिहार की राजनीति में अब महापुरुषों के सम्मान और आरक्षण का मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमाएगा।