सांसद बनते ही बुरी तरह फंसे पप्पू यादव, 1 करोड़ की जबरन वसूली का लगा आरोप
बिहार के पूर्णिया से नवनिर्वाचित सांसद पप्पू यादव बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं। उन पर एक करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप लगा है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि सांसद ने कहा कि आरोप निराधार है।
- Written By: मृणाल पाठक
पप्पू यादव, फोटो- सोशल मीडिया
पूर्णिया (बिहार): बिहार के नवनिर्वाचित सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव सांसद बनते ही बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं। उन पर एक व्यवसायी ने जबरन वसूली करने का आरोप लगाया है। जिसके बाद उन पर सोमवार को FIR भी दर्ज हो गई है। उन्होंने एक करोड़ की रंगदारी मांगी थी।
पूर्णिया जिले की पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार यादव ने साज-सजावट का व्यवसाय करने वाले शिकायतकर्ता को चार जून को मतगणना के दिन अपने आवास पर बुलाया और उनसे ‘‘एक करोड़ रुपये’ मांगे। पुलिस ने बयान में कहा, ‘‘शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यादव ने पहले 2021 और 2023 में इसी तरह की मांग की थी। आरोप लगाया कि इस बार यादव ने रुपये नहीं देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी और चेतावनी दी कि उन्हें अगले पांच साल तक सांसद से निपटना होगा।”
शिकायत के आधार पर सांसद और उनके करीबी सहयोगी अमित यादव के खिलाफ मुफस्सिल थाने में भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। यादव पर अक्सर बल प्रयोग करने का आरोप लगता रहा है। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में वह पूर्णिया सीट से निर्वाचित हुए। उन्होंने जनता दल-यूनाइेट (जद-यू) के दो बार के सांसद संतोष कुशवाहा को हराया था।
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कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य रंजीत रंजन के पति यादव ने चुनाव से पहले अपनी जन अधिकार पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया था, लेकिन सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ ‘‘दोस्ताना मुकाबले” में उतरने में पार्टी की अनिच्छा के बाद उन्होंने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा। इस सीट से राजद उम्मीदवार बीमा भारती तीसरे स्थान पर रहीं और उनकी जमानत जब्त हो गई। वह जद (यू) से नाता तोड़कर राजद में शामिल हुई थीं।
