

Patna Coaching Dispute: पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग विवाद से जुड़े मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई अभिषेक और गौरव को फिलहाल राहत नहीं मिली है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान एडीजे-33 की अदालत ने लोअर कोर्ट रिकॉर्ड (एलसीआर) तलब कर लिया है।
एलसीआर आने के बाद अगली तारीख पर मामले में दोबारा सुनवाई होगी। इससे पहले फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट की अदालत दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। वहीं, खान ग्लोबल स्टडीज में हुए बवाल और फायरिंग मामले में फैजल खान उर्फ खान सर और उनके दो गार्डों की जमानत याचिका पर 25 जून को सुनवाई होगी।
दरअसल पटना में मंगलवार 2 जून की देर रात को बिहार की राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर(खान ग्लोबल इंस्टिट्युट) में मारपीट और फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था। जिस पर खान सर ने कथित जानकारी देते हुए कहा कि मेरे कोचिंग सेंटर पर ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद ,उनके भाई और कोचिंग के स्टाप के द्वारा देर रात फायरिंग और मारपीट किया गया।
बता दें कि कोचिंग सेंटर मे फायरिंग मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद उनेक भाई और कोचिंग के स्टाप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जिस घटना में खान सर के कोचिंग मे मौजूद गार्ड को गंभीर चोटें आई थीं। जिसके बाद बचाव में फैजल खान के दो गार्डों के द्वारा दो-दो राउंड फायरिंग थी।
खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के बीच हुए विवाद और फायरिंग मामले में नई जानकारी सामेन आई है। इस मामले में फैजल खान उर्फ खान सर और उनके दो सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका पर 25 जून को सुनवाई होनी है।
गौरतलब है कि 2 जून की रात हुई इस फायरिंग के बाद एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें खान सर के गार्ड्स को कथित तौर पर गोली चलाते देखा गया, जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इस पूरे मामले ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया जब आरोपी बनाए गए रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव का शव नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला और रौशन आनंद ने खान सर पर साजिश का आरोप लगाया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की बेंच में दोनों आरोपियों की जमानत याचिका दाखिल की गई थी। फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट द्वारा पहले ही इन दोनों की बेल खारिज की जा चुकी थी। अब जिला अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने निर्देश दिया है कि फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट के यहां से LCR (लोअर कोर्ट रिकॉर्ड) आने के बाद ही अगली तारीख पर दोबारा बहस की जाएगी।