नीतीश के रहते नहीं गली दाल, अब पूरी होगी BJP की सालों पुरानी मुराद! बिहार में पहली बार BJP का मुख्यमंत्री

Nitish Kumar Rajya Sabha News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज यानी गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नॉमिनेशन पेपर फाइल कर सकते हैं.
The BJP's long-cherished ambition will now be fulfilled! Bihar will have its first Chief Minister.
नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी
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Bihar Politics: बिहार की राजनीति में सियासी तहलका मचने वाला है। एक बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। भाजपा की दशकों पुरानी ख्वाहिश अब सच होने की कगार पर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। नीतीश के राज्यसभा की ओर जाना भाजपा के लिए बड़ी खुशखबरी है।

बिहार से नीतीश कुमार के जाने के बाद भाजपा को पहली बार इस राज्य में मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल सकता है। बिहार, जो हिंदी हार्टलैंड का एक महत्वपूर्ण राज्य है, अब तक भाजपा को मुख्यमंत्री नहीं दे पाया है। नीतीश कुमार के कार्यकाल में कभी भी भाजपा को सीएम की कुर्सी नहीं मिली। लेकिन अब दशकों पुरानी यह दुआ पूरी होने की राह पर है।

नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं। वह थोड़ी देर में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन भी पर्चा दाखिल करेंगे और इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे।

सीएम पद की लंबी पारी आज से खत्म

अनुमान लगाया जा रहा है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा की सीट के लिए आगे बढ़ सकते हैं और उनके बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। अगर अभी की खबरें सही साबित होती हैं, तो नीतीश कुमार की सीएम पद की लंबी पारी आज समाप्त हो सकती है। हालांकि, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होने हैं। ये चुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि JD(U) के हरिवंश नारायण सिंह और राम नाथ ठाकुर, RJD के प्रेम चंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह, और RLM के उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल पूरा हो रहा है। विधानसभा में वर्तमान ताकत के अनुसार, इन सभी पांचों सीटों पर सत्ता समूह NDA को ही जीत मिलने की स्थिति है।

भाजपा के लिए क्या मायने रखता है नीतीश का जाना

नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से सीधे-सीधे भाजपा को मुख्यमंत्री की कुर्सी क्यों मिल सकती है? दरअसल, बिहार में अब भाजपा की स्थिति काफी मज़बूत है। वह अब सिंगल लार्जेस्ट पार्टी बन चुकी है। कई बार NDA सरकारें बनी हैं, लेकिन भाजपा हमेशा सहयोगी की भूमिका में रही और सीएम की पोस्ट जदयू के पास रही।

हिंदी भाषी राज्यों में भाजपा पहले से कई बार सीएम दे चुकी है, जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व राजस्थान लेकिन बिहार ऐसा एकमात्र राज्य रहा है जहाँ भाजपा का मुख्यमंत्री नहीं बन पाया। डिप्टी सीएम का पद भाजपा के पास रहा है, लेकिन सीएम की कुर्सी हमेशा दूर रही। अब यह देखने वाली बात होगी कि नीतीश कुमार को लेकर आधिकारिक घोषणा कब होती है और अगर वह राज्यसभा जाते हैं, तो भाजपा बिहार से अपना मुख्यमंत्री कौन बनाएगी।

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