

Bihar Politics: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। जैसे ही उन्होंने पोस्ट कर यह साफ किया कि वह राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगे, ट्विटर, फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
कुछ लोग इस फैसले को उनके लंबे राजनीतिक करियर का नया अध्याय बता रहे हैं और उन्हें बधाई दे रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि बिहार की राजनीति में दो दशकों तक मुख्यमंत्री रहने के बाद अब उनका संसद के ऊपरी सदन में जाना एक स्वाभाविक कदम है। वहीं कई यूज़र्स ने लिखा कि नीतीश कुमार ने राज्य और देश की राजनीति में अहम भूमिका निभाई है, इसलिए उनका राज्यसभा जाना सम्मान की बात है।
हालांकि दूसरी तरफ कई लोगों ने इस फैसले की आलोचना भी की। कुछ यूज़र्स का कहना है कि नीतीश कुमार ने भाजपा नेतृत्व के आगे झुककर यह फैसला लिया है। कई पोस्ट में यह भी लिखा गया कि उन्होंने नरेंद्र मोदी और अमित शाह के सामने “सरेंडर” कर दिया है।
दरअसल, नीतीश कुमार ने खुद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साफ किया है कि वह गुरुवार को पटना में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। उनके साथ नितिन नबीन भी नामांकन दाखिल कर सकते हैं और इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी की भी चर्चा है।
एक यूजर ने लिखापिछले दो दशकों में बिहार को स्थिर नेतृत्व और विकास की राह देने में आपका बड़ा योगदान रहा है। उम्मीद है कि संसद में भी आपका अनुभव और मार्गदर्शन देश और बिहार दोनों के लिए उपयोगी साबित होगा। तो वहीं एक अनेय यूजर ने कहा कि नीतीश कुमार जी हमने पहले ही कहा ऐसा कोई नहीं जिसे भाजपा ने ठगा नहीं है भाजपा के साथ में कुछ सीक्रेट लगा होगा जिसके कारण अपने पूरे बिहार को दांव पर लगा दिया बिहार के लोगो बहुत दुख एक नफ़रती विचारधारा को बिहार में एंट्री क्या दी बिहार के लोग बहुत दुखी है।
खबरों के मुताबिक, अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार की सत्ता में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चर्चा है कि राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री बन सकता है और जेडीयू के दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि उनके बेटे निशांत कुमार की भी बिहार की राजनीति में एंट्री हो सकती है।
बता दें कि नीतीश कुमार ने चार महीने पहले ही 20 नवंबर को पटना में आयोजित भव्य समारोह में रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वह बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद बिहार की राजनीति में आगे क्या नया मोड़ आता है और अगर नीतीश कुमार दिल्ली जाते हैं तो राज्य में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।