

Bihar CM Nitish Kumar Shapath Grahan: बिहार विधानसभा चुनाव में 202 सीटें लाने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। गांधी मैदान में नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा फिर से डिप्टी सीएम बनाए गए। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्रियों समेत एनडीए के सभी घटकों के प्रमुखों, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और बड़े नेता मौजूद हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की शानदार जीत के बाद गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी की गई थी। समारोह में बिहार भर से लगभग 2 से 3 लाख वोटर्स भी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम सुबह 11.30 बजे शुरू हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्री, और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री मौजूद रहे।
नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद, सम्राट चौधरी ने बिहार कैबिनेट में राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली। सम्राट चौधरी पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। कल यानी बुधवार को उन्हें बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था। विजय कुमार सिन्हा को बीजेपी विधायक दल का उप नेता चुना गया था। इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा, 26 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है। शपथ लेने वाले मंत्रियों की पूरी सूची इस प्रकार है: • सम्राट चौधरी • विजय कुमार सिन्हा • विजय कुमार चौधरी • बिजेंद्र प्रसाद यादव • श्रवण कुमार • मंगल पांडेय • डॉक्टर दिलीप जायसवाल • अशोक चौधरी • लेसी सिंह • मदन सहनी • नितिन नवीन • रामकृपाल यादव • संतोष कुमार सुमन • सुनील कुमार • मो. जमा खान • संजय सिंह टाइगर • अरुण शंकर प्रसाद • सुरेंद्र मेहता • नारायण प्रसाद • रमा निषाद • लखेंद्र कुमार रोशन • श्रेयसी सिंह • डॉ. प्रमोद कुमार • संजय कुमार • संजय कुमार सिंह • दीपक प्रकाश
इस चुनाव में एनडीए को कुल 202 सीटें मिली थीं। इसमें बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की। जनता दल (यूनाइटेड) 85 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति (आर) ने 29 सीटों पर चुनाव लड़ा और 19 पर जीत दर्ज की। शपथ ग्रहण से पहले बुधवार को नीतीश कुमार को जेडीयू विधायक दल का नेता चुना गया था। इसके बाद उन्होंने राजभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंपा और सरकार बनाने का दावा पेश किया था।