

Nepal Flood Red Alert Warning: नेपाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार से रविवार तक देश के कई हिस्सों में अत्यधिक बारिश की चेतावनी जारी की है।
इसके चलते कोसी बैराज और गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। आपदा की आशंका को देखते हुए नेपाली सेना और पुलिस ने तटीय इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया है।
नेपाल के तराई क्षेत्रों और बिहार के बगहा इलाके में पिछले 24 घंटे से बारिश जारी है। लगातार बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीण नदी के बहाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। बारिश का दौर जारी रहने से तटीय बस्तियों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
कोसी बैराज में पानी का बहाव अत्यधिक बढ़ने के बाद 31 गेट खोल दिए गए हैं। सुनसरी के प्रमुख अधिकारी ईश्वरी प्रसाद अर्याल के अनुसार 240000 क्यूसेक पानी दर्ज हुआ है। हालांकि स्थिति अभी नियंत्रण में है और कोसी पुल पर यातायात नहीं रोका गया है। जलस्तर में और इजाफा होने पर स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक फैसले लिए जाएंगे।
भारी बारिश के चलते धाडिंग जिले में भूस्खलन से पृथ्वी राजमार्ग सात स्थानों पर प्रभावित हुआ है। कृष्णभीर और तिग्रांग खोला में सड़क पूरी तरह बंद हो गई है और मलबा हटाया जा रहा है।
चितवन जिले में नारायणगढ़-मुगलिन सड़क को भी खतरे के कारण बंद कर दिया गया है। राजमार्गों पर यातायात बाधित होने से लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई अचानक बाढ़ में भारी तबाही हुई थी।
उस विनाशकारी आपदा में 1450 से अधिक लोगों की मौत हुई और 5600 लोग लापता हैं। भोटेकोशी नदी के उफान से घर, पुल, सड़कें और जलविद्युत परियोजनाएं बह गई थीं। मौजूदा बारिश से पहले से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे में और नुकसान की आशंका है।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्राधिकरण नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहा है। गंडकी और लुंबिनी प्रांतों में अत्यधिक बारिश को देखते हुए हाई अलर्ट रखा गया है। मौसम विभाग ने तटीय और बाढ़ आशंकित इलाकों में उच्च सतर्कता बरतने की अपील की है।
प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन जुटा रहा है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा न करने का अनुरोध किया है। नेपाली पुलिस और सेना माइक के जरिए लोगों को नदी किनारे न जाने की हिदायत दे रही है।
जोखिम वाले क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन मौसम की पल-पल की रिपोर्ट पर नजर रखते हुए स्थिति को नियंत्रित कर रहा है।