

Highlights:
नालंदा में शराब तस्करों ने पुलिस कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या की
कोडरमा की ओर से आ रही ट्रक का पुलिस ने किया था पीछा
बुधवार रात पावापुरी-गिरियक इलाके में एक फ्लाईओवर के पास हुई घटना
सांसद पप्पू यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है
शराबबंदी के बीच बिहार में शराब की तस्करी हो रही है
Nalanda Police Constable Murder: बिहार में शराबबंदी के बीच नालंदा जिले में शराब तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम पर हमला कर दिया। जिसमें मद्य निषेध विभाग के एक सिपाही की गोली लगने से मौत हो गई। यह घटना बुधवार रात पावापुरी-गिरियक इलाके में एक फ्लाईओवर के पास हुई। उस समय आबकारी विभाग की एक टीम शराब से लदे एक पिकअप ट्रक का पीछा कर रह थी। जिसमें पुलिस कांस्टेबल अजीत कुमार भी शामिल थे।
बिहार में अप्रैल 2016 से शराब के उत्पादन, बिक्री और सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बावजूद शराब की बड़ी खेप की तस्करी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सुरक्षा को चकमा देते हुए ट्रंक की एंट्री हो जा रही है।
शराब तस्करों की गोलीबारी में कांस्टेबल अजीत कुमार की मौत पर नालंदा के एसपी हृदय कांत ने कहा कि आबकारी विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि कोडरमा की तरफ से शराब से भरा एक पिकअप ट्रक इस इलाके से गुजरने वाला है। इस जानकारी के आधार पर, टीम यहां छापेमारी करने पहुंची। जब वे फ्लाईओवर के पास गाड़ी को रोकने की कोशिश कर रहे थे, तभी गाड़ी के अंदर से गोलियां चलाई गईं। एक गोली कांस्टेबल अजीत को लग गई, और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
नालंदा पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। एसपी ने कहा कि हम जल्द ही इस केस को सुलझा लेंगे। लेकिन सवाल उठ रहे हं कि सीमा में शराब लदा ट्रक घुस कैसे जा रहा है? बिहार पुलिस ने सिपाही की मौत पर दुख जताया है।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे देश में आप क्या उम्मीद कर सकते हैं जहां नफरत फैली हो और संविधान को कमजोर किया जा रहा हो। राजनीति अब पैसे, अपराध, माफिया नेटवर्क और शोषण से चलने लगी है। उन्होंने सिस्टम पर अपराधियों और माफियाओं का दबदबा होने की बात कही।
नालंदा की घटना पर जेडीयू नेता श्याम रजक ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर अविलंब सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश देने चाहिए। जिस भी इलाके में शराब का व्यापार हो रहा है, उस इलाके के SHO समेत पूरे थाने, अध्यक्ष और पद पर मौजूद लोगों का तुरंत तबादला करना चाहिए। इसी प्रकार से मुझे लगता है कि कार्रवाई में शराबबंदी असफल होगी क्योंकि माफियाओं में भय होना चाहिए. स्थानीय थाने की जिम्मेदारी बनती थी।