लालू यादव की बढ़ेगी मुसीबत! लैंड फॉर जॉब स्कैम में राउज एवेन्यू कोर्ट का आज आ सकता है फैसला
राउज एवेन्यू कोर्ट आज लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में आरजेडी सुप्रीमों लालू यादव की मुश्किलें बढ़ा सकती है। इस मामले में लालू यादव समेत 8 आरोपियों को समन जारी करने पर फैसला आ सकता है। लालू यादव पर रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले जमीन लेने का आरोप है।
- Written By: शानू शर्मा
लालू यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
पटना: आरजेडी सुप्रीमों लालू यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती है। लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में आज राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला आ सकता है। जिसमें लालू यादव समेत 8 आरोपियों को समन जारी करने पर निर्णय लिया जाएगा।
इससे पहले राउज कोर्ट ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के खिलाफ 28 फरवरी 2023 को समन जारी किया था। हालांकि अब तक इस मामले में कुल 14 आरोपियों को समन जारी किया जा चुका है।
CBI का आरोप
इस मामले में 10 अक्टूबर 2022 को CBI ने चार्जशीट दायर की थी। मामले की काफी पूछताछ के बाद अदालत ने 15 मार्च 2023 को आरोप तय किया था। जिसके बाद लालू यादव के ओएसडी भोला यादव को भी गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई की ओर से यह आरोप है कि लालू यादव ने अपने परिवार के नाम पर बिहार की राजधानी पटना में 1.05 लाख वर्ग फीट जमीन पर कब्जा कर रखा है। इन सभी जमीनों को नकद पैसे देकर खरीदा गया है या फिर कब्जा कर लिए गए हैं। साथ ही यह भी आरोप है कि जमीनों को काफी कम दाम पर बेच दिए गए थे।
सम्बंधित ख़बरें
‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाले में लालू यादव को लगा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने FIR रद्द करने की मांग वाली याचिका ठुकराई
जाति है कि जाती नहीं…नीतीश को लव-कुश तो लालू को MY फार्मूले से मिली सत्ता, इस बार भी कास्ट ही बनेगी योग्यता!
Explainer: बिहार की सत्ता में जेनरेशन शिफ्ट! नीतीश-लालू ने 30 साल तक किया राज, अब युवा चेहरों के बीच असली जंग
‘अंधे थे राजा…सिर्फ बेटे की चिंता’, मैथिली ठाकुर ने सदन में खोली ‘लालू राज’ की पोल; नीतीश के बताया युधिष्ठिर
यह भी पढ़ें- बिहार की राजनीति में गमछा कितना जरुरी? तेजस्वी यादव के एक निर्देश से सियासत गर्म
नौकरी के बदले जमीन
बता दें कि लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री के पद पर रहते हुए कई लोगों को रेलवे में नौकरी दिया। इसके बदले में उम्मीदवारों के परिवार वालों ने उन्हें जमीन दी। लालू यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहे थे। इस दौरान रेलवे में नौकरी दिलवाने और मनमाने जगह नियुक्ति करवाने के लिए उन्होंने काफी जमीन लिए। सीबीआई का यह भी आरोप है कि जोनल रेलवे में सब्स्टीट्यूट की भर्ती का कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया था। जिससे की किसी को भी वेकेंसी के बारे में पता ना चल पाए। साथ ही पश्चिम मध्य रेलवे की ओर से उम्मीदवारों के दस्तावेजों का सही तरीके से जांच भी नहीं किया गया था।
CBI के मुताबिक लालू परिवार ने 7 उम्मीदवारों से जमीन ली थी। इसके बदले उन्हें नौकरी दी थी। इन 7 लोगों में से 5 लोग ने अपनी जमीन सस्ते भाव में दे दिए। वहीं दो लोग द्वारा लालू यादव को गिफ्ट दिया गया है। इससे पहले भी लालू यादव का चारा घोटाले से नाम जुड़ा हुआ है।
