

Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आज 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग हो रही है। पहले चरण में बिहार के 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता, सभी राजनैतिक दलों और निर्दलयीय प्रत्याशियों को मिलाकर 1 हजार 314 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। इस बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ऐसा बयाम दिया जो अब वायरल हो रहा है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार चुनाव में लखीसराय में मतदान के बाद एक बड़ा बयान दिया, जिससे राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि 'बुर्का में अगर कोई जाएगा तो उसकी जांच की जाएगी, यह पाकिस्तान नहीं है, जो शरिया कानून चलेगा।'
गिरिराज सिंह ने इस दौरान कहा, बिहार के सनातन की अस्मिता के बगैर भारत की पहचान नहीं है। वो पाकिस्तान में हो सकता है, हजारों लाखों मस्जिदें नहीं। भारत में हमने किसी को रोका नहीं है। आजादी के वक्त हमारे यहां 3 हजार मस्जिद थी, आज तीन लाख हो गया। पाकिस्तान में हजारों मंदिर टूट गए। आस्था का केंद्र भारत में नहीं होगा तो कहां होगा। कट्टा वाले वीडियो पर भी गिरिराज सिंह ने कहा, जो बच्चा कह रहा है कि तेजस्वी भइया अइहें, कट्टा सटइहैं तो यही तो जंगलराज है ना।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग की व्यवस्था के तहत कानून का राज कायम है और आंगनवाड़ी केंद्र की सेविकाओं का मुद्दा भी स्पष्ट है। उन्होंने कहा, "अगर किसी को बुर्का से समस्या है, तो उसे बुर्का उठाकर दिखाना चाहिए। आधार कार्ड बनवाने के समय वहां क्यों शरिया कानून नहीं दिखता? एयरपोर्ट जाते समय भी शरिया कानून का पालन नहीं होता। यह मुल्लाओं को सिर्फ यहीं दिखाई देता है।" गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि शरिया कानून भारत में नहीं चलता, यह पाकिस्तान नहीं है, बल्कि हिंदुस्तान है, जहां संविधान के तहत देश चलता है।
गिरिराज सिंह ने फिर से पाकिस्तान के शरिया कानून पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत में ऐसा कोई शरिया कानून लागू नहीं है। उन्होंने पहले भी कहा था कि यदि पोलिंग एजेंटों या चुनाव कर्मियों को किसी पर संदेह होता है, तो बुर्का उठाकर चेहरा दिखाने का अधिकार है, क्योंकि संविधान ने यह अधिकार हर नागरिक को दिया है। उनका कहना था, "बुर्का को लेकर हंगामा क्यों हो रहा है? कानून सभी के लिए समान है। यहां पाकिस्तान की तरह इस्लामिक शरिया कानून नहीं है।"