
कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
Bihar Politics: बिहार में नई सरकार के गठन से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। राजधानी पटना में जेडीयू और बीजेपी के विधायक दल की बैठक हो रही है। इसके बाद दोपहर साढ़े तीन बजे एनडीए विधायक दल की बैठक भी होनी है। जहां नीतीश कुमार को नेता चुना जाएगा। जिसके बाद वह सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
जानकारी के मुताबिक 20 नवंबर को मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। उससे पहले उप-मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर सियासी हलको में चर्चाओं का बाजार गुलजार है। एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नीतीश कुमार की नई टीम में कौन-कौन शामिल होगा और डिप्टी सीएम की कुर्सी किसके पास जाएगी?
पिछला इतिहास देखें तो बीजपी हर बार डिप्टी सीएम के चेहरे बदलती रही है। 2020 में तारकिशोर के साथ रेणु देवी के रूप में एक महिला को डिप्टी सीएम बनाया था। इसके बाद जब नीतीश कुमार पलटकर फिर वापस आए तो सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को इस कुर्सी पर बिठाया गया। हालांकि इस बर चर्चा कुछ और है।
कहा जा रहा है कि तीन डिप्टी सीएम भी हो सकते हैं। ऐसे में तीसरा चेहरा चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कोटे से हो सकता है। सूत्रों के अनुसार एलजेपी (रामविलास) से सांसद अरुण भारती का नाम सबसे आगे चल रहा है। लेकिन अभी इस पर किसी ने भी आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है।
मौजूदा सरकार में भाजपा के सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा डिप्टी सीएम हैं। दोनों ही भाजपा के कोटे से आते हैं। सूत्रों की मानें तो, सम्राट को बीजेपी विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया है। साथ ही दोनों ही डिप्टी सीएम भी बने रहेंगे। अब देखना यह है कि एनडीए तीसरा डिप्टी सीएम बनाता है या मौजूदा व्यवस्था के साथ नई सरकार का गठन होता है। इसके साथ ही सम्राट और विजय सिन्हा की कुर्सी बरकरार रहती है या नहीं?
उपमुख्यमंत्री पद पर चल रही बहस के बीच जब पत्रकारों ने अरुण भारती से सवाल पूछा, तो उन्होंने बेहद संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा, “उपमुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला एनडीए के वरिष्ठ नेता करेंगे। यह उनका विशेषाधिकार है। उन्हें ही फैसला करने दीजिए।” इस बयान के साथ उन्होंने साफ कर दिया कि अंतिम फैसला गठबंधन नेतृत्व का है और वह संगठन के निर्देशों का पालन करेंगे।
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मंगलवार रात अरुण भारती पटना के गांधी मैदान पहुंचे, जहां शपथ ग्रहण समारोह की भव्य तैयारियां चल रही थीं। हालाकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह का निरीक्षण करने नहीं, बल्कि इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनने आए थे। उन्होंने कहा कि हम भी नई सरकार के इस जश्न में भागीदार हैं।






