मनीष कश्यप पर बड़ा अपडेट, चनपटिया सीट पर कौन आगे, चौंका देने वाला आंकड़ा आया सामने

Bihar Election Result: पश्चिम चंपारण की चनपटिया विधानसभा सीट पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प मोड़ ले चुका है। मशहूर यूट्यूबर और जन सुराज पार्टी प्रत्याशी मनीष कश्यप शुरुआती राउंड की गिनती में तीसरे स्थान..
Big update on Manish Kashyap! Who is ahead in the Chanpatia seat? Shocking figures have emerged.
मनीष कश्यप, मनीष कश्यप
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Chanpatia Assembly Result:  पश्चिम चंपारण जिले की चर्चित चनपटिया विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद थी, खासकर इसलिए क्योंकि मशहूर यूट्यूबर और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार त्रिपुरारी कुमार तिवारी उर्फ मनीष कश्यप मैदान में थे। माना जा रहा था कि उनकी लोकप्रियता चुनाव को त्रिकोणीय मोड़ दे सकती है, लेकिन शुरुआती रुझानों ने तस्वीर कुछ और ही बयां कर दी है।

चौथे राउंड की मतगणना खत्म होने तक मनीष कश्यप तीसरे स्थान पर खिसक चुके हैं। उन्हें अब तक कुल 4523 वोट मिले हैं, जो अपेक्षाओं से काफी कम माने जा रहे हैं। स्थानीय राजनीतिक समीक्षक इसे जन सुराज पार्टी के कमजोर संगठन और क्षेत्रीय समीकरणों के प्रभाव से जोड़कर देख रहे हैं।

कांग्रेस और भाजपा में टक्कर

दूसरी ओर, इस सीट पर मुकाबला फिलहाल कांग्रेस और भाजपा के बीच सिमटता नजर आ रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक रंजन शुरुआत से ही अच्छी पकड़ बनाए हुए हैं और चौथे राउंड के बाद उन्हें 16637 वोट मिले हैं। वे भाजपा प्रत्याशी से लगभग 1839 वोट आगे चल रहे हैं। भाजपा की ओर से इस बार भी उमाकांत सिंह मैदान में हैं, जिन्हें अब तक 14798 वोट मिल चुके हैं। पिछली बार यानी 2020 के विधानसभा चुनाव में भी उमाकांत सिंह ने यहां से जीत दर्ज की थी और जीत का अंतर 13469 वोट था। तब उन्होंने कांग्रेस के अभिषेक रंजन को हराया था। इस बार भी वही पुराने प्रतिद्वंद्वी एक-दूसरे के सामने हैं, मगर रुझान बदलते दिखाई दे रहे हैं।

आंकड़ों ने साफ कर दिया सीट का हाल

इस सीट पर कुल 5 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस और भाजपा के बीच होता नजर आ रहा है। मनीष कश्यप, जो पहले भाजपा से जुड़े थे बाद में जन सुराज पार्टी में शामिल हुए। उम्मीद थी कि वे युवा मतदाताओं और सोशल मीडिया फॉलोइंग का लाभ उठाकर बेहतर प्रदर्शन करेंगे, लेकिन शुरुआती आंकड़े इसके उलट हैं।

चनपटिया सीट पर 2020 में 63.82% मतदान दर्ज किया गया था, और भाजपा को 47.69% वोट मिले थे। इस बार मतदाताओं का रुझान किस ओर झुकता है, यह अंतिम गिनती के बाद ही स्पष्ट होगा। मगर शुरुआती आंकड़ों ने संकेत दे दिए हैं कि इस बार मुकाबला काफी नजदीकी और दिलचस्प रहने वाला है।

चुनाव विश्लेषकों के मुताबिक, कांग्रेस की बढ़त अगर आगे भी बनी रहती है, तो यह सीट इसके लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला परिणाम साबित हो सकती है। वहीं भाजपा की कोशिश है कि वह पिछली बार की तरह आखिरी राउंड तक अपनी पकड़ मजबूत करते हुए जीत अपने नाम करे।

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