शर्तों के साथ सीधे सत्ता से मिलाएंगे हाथ, बिहार चुनाव में BSP चीफ मायावती का बड़ा दांव

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने गठबंधन और रिजल्ट के बाद के सियासी पारे को लेकर सस्पेंस बढ़ा दिया है।
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BSP चीफ मायावती ने बिहार में गठबंधन पर दिया दिया अपडेट
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Bihar Election BSP Cheaf Mayawati Statement: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने गठबंधन और रिजल्ट के बाद के सियासी पारे को लेकर सस्पेंस बढ़ा दिया है। भभुआ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने यह साफ कर दिया कि बसपा अकेले चुनाव क्यों लड़ रही है। मायावती ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी को 'ठीक-ठाक' संख्या में विधायक मिलते हैं, तो वह 'शर्तों के आधार' पर सत्ता में शामिल होने से परहेज नहीं करेंगी, ताकि अपने लोगों का विकास किया जा सके।

मायावती का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि बसपा इस बार बिहार के मैदान में अकेले उतरी है। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में बसपा ने असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा के साथ गठबंधन किया था। तब बसपा ने 80 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे सिर्फ एक सीट (कैमूर की चैनपुर) पर ही जीत मिली थी। हालांकि, उनके विधायक जमा खान बाद में जेडीयू में शामिल होकर नीतीश सरकार में मंत्री बन गए थे।

कांग्रेस-बीजेपी दोनों 'दलित विरोधी'

भभुआ के हवाई अड्डा मैदान से मायावती ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को 'दलित विरोधी' बताते हुए कहा कि राहुल गांधी संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, लेकिन उनकी पार्टी की सरकार ने बाबा साहब को भारत रत्न का सम्मान नहीं दिया। उन्होंने राहुल गांधी पर 2024 में विदेश में आरक्षण खत्म करने का ऐलान करने का भी आरोप लगाया। बीजेपी पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा भी आरक्षण विरोधी है और संसद में प्रस्ताव लाने के बावजूद इसपर काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जातिवादी सरकारें आरक्षण को हटाने का काम कर रही हैं।

'बिहारी कर रहे पलायन, वोट बिखरने न दें'

मायावती ने आरोप लगाया कि पूंजीवादी सोच की सरकारों ने मेहनतकश लोगों का विकास नहीं किया, जिसके कारण बिहार के लोगों को पलायन करना पड़ रहा है और बाहर उनका शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों, दलितों और आदिवासियों को आरक्षण का संवैधानिक लाभ नहीं दे रही है। मायावती ने अपने समर्थकों से अपील की कि दलित व शोषित वर्ग का वोट दूसरी पार्टियों को मिलने से उनके उम्मीदवार हार जाते हैं, इसलिए इस बार वोट बिखरने नहीं देना है। उन्होंने भभुआ से विकास सिंह, चैनपुर से धीरज सिंह, मोहनियां से ओमप्रकाश दीवाना, रामगढ़ से सतीश सिंह और चेनारी से सरिता देवी को जिताने की अपील की।

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