ऐन वक्त पर नीतीश कुमार करेंगे खेला? 85 प्लस 41 के फार्मूले से महागठबंधन सरकार...RJD के 'ऑफर' से सियासी हड़कंप!
Nitish Kumar RJD Offer: एक ओर बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar के करीबी मंत्री विजय कुमार चौधरी नई सरकार के गठन को लेकर स्थिति स्पष्ट करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य की राजनीति में विपक्ष ने भावनात्मक रणनीति अपनानी शुरू कर दी है। “दिल्ली नहीं जाइए, यहीं सरकार बनाइए” जैसे नारे के साथ आरजेडी ने सीधा संदेश देने की कोशिश की है। यह अपील जेडीयू कार्यकर्ताओं की नहीं, बल्कि Lalu Prasad Yadav के करीबी और Tejashwi Yadav के रणनीतिकार माने जाने वाले आरजेडी नेता रणविजय साहू की ओर से आई है।
आरजेडी का आरोप है कि बीजेपी, नीतीश कुमार को जबरन दिल्ली भेजने की कोशिश कर रही है। रणविजय साहू का कहना है कि जनता ने 2025 से 2030 तक के लिए नीतीश कुमार पर भरोसा जताया है, ऐसे में कुछ ही महीनों में सत्ता परिवर्तन की चर्चा जनादेश का अपमान है। उनका सवाल है कि आखिर ऐसा क्या कारण है कि बीजेपी इस तरह का दबाव बना रही है।
आरजेडी ने यह भी संकेत दिया है कि उसका ऑफर “खुला” है। बिहार की राजनीति में पहले भी कई बार गठबंधन बदले हैं। 2015 में महागठबंधन के साथ सरकार बनी, 2017 में नीतीश कुमार(Nitish Kumar) ने एनडीए का साथ लिया, फिर 2022 में आरजेडी-कांग्रेस के साथ लौटे और 2024 में दोबारा पाला बदल लिया।
रणविजय साहू ने कहा कि बीजेपी को रोकने के लिए आरजेडी ने हमेशा नीतीश कुमार का साथ दिया है और अगर फिर ऐसी स्थिति बनती है, तो पार्टी नेतृत्व परिस्थितियों के अनुसार फैसला करेगा।
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संख्या बल के लिहाज से देखें तो आरजेडी और उसके सहयोगियों के पास करीब 41 विधायक हैं, जबकि जेडीयू के पास 85 विधायक हैं। अगर दोनों साथ आते हैं, तो यह संख्या 126 तक पहुंच सकती है, जो बहुमत के आंकड़े के लिए पर्याप्त है। हालांकि, यह पूरा घटनाक्रम अभी कयासों पर आधारित है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे भविष्य में संभावित नए समीकरणों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।