

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार ने जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस मामले पर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाएगी।
ADG ने बताया कि जांच के दौरान फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) समेत अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जाएगा जिससे घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके। पुलिस मुख्यालय इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहा है।
एडीजी के मुताबिक, मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहले ही उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। इसके तहत एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है, जिसमें उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को शामिल किया गया है। यह आयोग स्वतंत्र रूप से पूरे मामले की जांच करेगा और अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा। सुधांशु कुमार ने बताया कि इस प्रकरण में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें एफआईआर संख्या 169/26 और 170/26 शामिल हैं। दोनों मामलों में घटना से संबंधित विभिन्न तथ्यों को दर्ज किया गया है और पुलिस इन्हीं आधारों पर आगे की जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई है। विशेष रूप से 16 जून को जब पुलिस की टीम पहली बार मौके पर पहुंची थी, तब आरोपी को नियंत्रित करने में कथित लापरवाही सामने आई। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण हालात बिगड़े और बाद में घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। इसी लापरवाही को गंभीर मानते हुए संबंधित थाना प्रभारी सहित कुल पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
एडीजी ने स्पष्ट किया कि सरकार इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि भरत तिवारी मुठभेड़ मामले को लेकर राज्य में लगातार राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में सरकार और पुलिस प्रशासन दोनों ही जांच की निष्पक्षता बनाए रखने को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। आने वाले दिनों में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।