इन्हें सरकारी नौकर नहीं 'धनकुबेर' कहिए! बिहार के इंजीनियर के घर छापेमारी में मिली अकूत संपत्ति, अफसर भी चकराए

Corruption in Bihar: बिहार के जमुई में तैनात इंजीनियर गोपाल कुमार के ठिकानों पर छापेमारी में करोड़ों की काली कमाई का खुलासा हुआ है। एक सामान्य सी जांच ने बड़े भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।
bihar jamui engineer caught
पकड़ा गया इंजीनियर, फोटो- सोशल मीडिया
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Gopal Kumar EOU Bihar: बिहार के जमुई से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। एक सरकारी इंजीनियर के घर जब जांच एजेंसियां पहुंचीं, तो वहां जो नजारा था उसने बड़े-बड़े अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।

जमुई जिले के झाझा प्रखंड में ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार इन दिनों चर्चा में हैं। उन्होंने साल 2008 में सरकारी नौकरी की शुरुआत की थी। साल 2022 में उन्हें पदोन्नति मिली और वे कार्यपालक अभियंता बन गए। लेकिन इस छोटी सी अवधि में उन्होंने जो दौलत जमा की, वो किसी बड़े उद्योगपति को भी पीछे छोड़ सकती है। आर्थिक अपराध इकाई यानी ईओयू की टीम जब उसके ठिकानों पर पहुंची, तो भ्रष्टाचार की परतें एक-एक कर खुलने लग गईं। अधिकारियों के लिए यह यकीन करना मुश्किल था कि एक इंजीनियर ने अपनी आय से इतनी अधिक संपत्ति बना ली है।

छापेमारी में मिला नगदी और सोना

छापेमारी के दौरान बरामद हुई चीजों की लिस्ट लंबी और चौंकाने वाली है। अधिकारियों को अलग-अलग ठिकानों से लाखों रुपये नगद मिले हैं। अगर सिर्फ पटना और जमुई के ठिकानों की बात करें, तो नगदी का आंकड़ा करोड़ों की तरफ इशारा करता है। यही नहीं, घर से करीब 424 ग्राम सोने के जेवर और एक किलो चांदी भी बरामद की गई। अधिकारियों को जेवरों की खरीद से जुड़े लगभग 47 लाख रुपये के इनवॉयस भी मिले हैं, जो यह बताते हैं कि काली कमाई को किस तरह सोने-चांदी में खपाया जा रहा था। यह सब देखकर जांच दल के सदस्य भी दंग रह गए कि एक वेतनभोगी कर्मचारी के पास इतना सोना और नगद कैसे हो सकता है।

मॉल में दुकानें और आलीशान फ्लैट्स, रईसी का पर्दाफाश

गोपाल कुमार की निवेश करने की रणनीति भी काफी हाई-प्रोफाइल रही है। जांच में पता चला है कि पटना के सगुना मोड़ स्थित एक नामी मॉल में उसकी दो व्यावसायिक दुकानें हैं, जिनकी कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा, दानापुर में एक आवासीय भूखंड पर तीन मंजिला इमारत का निर्माण कार्य चल रहा है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात दानापुर के 'लक्ष्मी कॉटेज' में एक आलीशान 4 BHK फ्लैट से जुड़ी है, जिसके लिए कथित तौर पर 80 लाख रुपये का भुगतान नकद में किया गया था। सड़कों पर शान दिखाने के लिए उनके पास लग्जरी गाड़ियां भी मौजूद थीं, जिनमें एक हुंडई क्रेटा भी शामिल है जिसे लाखों रुपये में खरीदा गया था।

आय से कहीं अधिक मिली संपत्ति, विभाग के गोपनीय दस्तावेज बरामद

आर्थिक अपराध इकाई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गोपाल कुमार ने अपनी ज्ञात आय से करीब 2 करोड़ 61 हजार रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है। यह उनकी वैध आय से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक है। छापेमारी के दौरान उनके घर से न सिर्फ दौलत मिली, बल्कि ग्रामीण कार्य विभाग की कई सरकारी फाइलें और गोपनीय दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।

इन दस्तावेजों के उनके निजी आवास पर होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।  फिलहाल जांच की कार्रवाई जारी है और विभाग को इन दस्तावेजों के बारे में सूचित किया जा रहा है।

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