बिहार चुनाव (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bihar Election Phase 2: बिहार विधानसभा चुनाव का दूसरा आज निर्णायक मोड़ पर है। इस चरण में राज्य की राजनीति के कई दिग्गज मैदान में हैं। 20 जिलों की 122 सीटों पर वोटिंग जारी है, जहां मतदाता नेताओं की तकदीर तय करेंगे। नेताओं की प्रतिष्ठा, जनसमर्थन और दलों की रणनीति की परीक्षा आज होनी है।
दूसरे चरण में तीन प्रमुख दलों के अध्यक्षों और कई बड़े नेताओं की साख दांव पर लगी है। इनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, मंत्री विजेंद्र यादव, पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष राजू तिवारी, रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता, कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान और माले नेता महबूब आलम शामिल हैं।
कटिहार विधानसभा में भाजपा के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद लगातार चार बार से यहां से विधायक हैं, पर इस बार वीआईपी के सौरभ अग्रवाल मजबूत चुनौती दे रहे हैं। यह मुकाबला केवल दलों का नहीं, बल्कि संबंधों और राजनीतिक स्वाभिमान का प्रतीक बन गया है।
बेतिया सीट पर भाजपा ने फिर से रेणु देवी पर भरोसा जताया है। वह महिला नेतृत्व की सशक्त पहचान हैं, जबकि कांग्रेस के वसी अहमद उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
जदयू के मंत्री विजेंद्र यादव, कांग्रेस के मिन्नतुल्लाह रहमानी और जनसुराज के अनिल कुमार सिंह के बीच मुकाबला दिलचस्प है। यह सीट सीमांचल की राजनीति में खास असर रखती है।
धमदाहा में जदयू की मंत्री लेसी सिंह का सामना अपने ही पूर्व शिष्य संतोष कुशवाहा से है, जो अब राजद में हैं। जनसुराज के बंटी यादव भी युवाओं की नाराज़गी को भुनाने की कोशिश में हैं।
सासाराम में रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता चुनावी मैदान में हैं, जबकि राजद प्रत्याशी सत्येंद्र साह जेल में होने के कारण उनकी पत्नी प्रचार कर रही हैं।
इन सीटों पर एनडीए, महागठबंधन और जनसुराज के बीच कांटे की टक्कर है।कटिहार की बलरामपुर सीट पर माले के महबूब आलम, जबकि गया टाउन में भाजपा के प्रेम कुमार अपनी साख बचाने में जुटे हैं।
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इन सीटों पर मुस्लिम और यादव मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। रूपौली में जदयू की बीमा भारती एक बार फिर अपनी जीत दोहराने के प्रयास में हैं। बिहार चुनाव का दूसरा चरण राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा।