RJD का M-Y, कांग्रेस का ‘सवर्ण’ दांव… महागठबंधन के मास्टरमाइंड प्लान से साधे गए जातीय समीकरण
Bihar Election: बिहार चुनाव में महागठबंधन में शामिल कांग्रेस और RJD ने टिकट चयन में अपने मूल वोट बैंक को प्राथमिकता दी है। साथ ही, उन्होंने सामाजिक समीकरणों को भी संतुलित करने की कोशिश की है।
- Written By: सौरभ शर्मा
महागठबंधन के मास्टमाइंड प्लान से साधे गए जातीय समीकरण (फोटो- सोशल मीडिया)
Bihar election ticket politics: बिहार विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजते ही सियासी बिसात बिछने लगी है। एनडीए से मुकाबले के लिए महागठबंधन ने अपने उम्मीदवारों के चयन में खास रणनीति अपनाई है। आरजेडी और कांग्रेस ने जहां अपने परंपरागत वोट बैंक को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, वहीं सामाजिक समीकरणों को विस्तार देने की भी कोशिश की है। टिकट बंटवारे की अब तक की सूची में इसकी साफ झलक दिख रही है। राजद ने आधे से ज्यादा टिकट यादवों को दिए हैं, तो कांग्रेस ने 19 सवर्ण उम्मीदवारों पर दांव लगाया है।
महागठबंधन की दोनों प्रमुख पार्टियों ने अपने-अपने आधार को मजबूत किया है। राजद ने अपने मुख्य जनाधार ‘मुस्लिम और यादव’ (M-Y) का पूरा ख्याल रखा है। पार्टी द्वारा घोषित 51 सीटों में से 28 पर यादवों को चुनावी मैदान में उतारा गया है। इसके साथ ही 6 मुस्लिमों को भी टिकट दिया गया है। वहीं, कांग्रेस अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए अपने पुराने वोट बैंक सवर्ण, दलित और मुसलमानों पर भरोसा जता रही है। कांग्रेस ने खुले मन से सवर्णों को टिकट दिए हैं।
अति पिछड़ों पर नजर, नीतीश के गढ़ में सेंध
इस बार महागठबंधन का खास ध्यान अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को साधने पर है। बिहार में करीब 36 फीसदी आबादी वाले इस वर्ग को एनडीए, खासकर नीतीश कुमार की जदयू का बड़ा वोट बैंक माना जाता है। महागठबंधन शुरू से ही इस वोट बैंक में सेंध लगाने की फिराक में है। इसे लेकर राहुल गांधी ने पटना और राजगीर जैसी जगहों पर इस वर्ग के साथ संवाद भी किया था। यही कारण है कि राजद और कांग्रेस के अलावा वीआईपी और वाम दलों ने भी अति पिछड़ा वर्ग के नेताओं को टिकट देकर तरजीह दी है।
सम्बंधित ख़बरें
मीनाक्षी नटराजन के मुद्दे पर कांग्रेस का बड़ा हमला, पीसी शर्मा बोले- 62 विधायक एकजुट देखकर घबराई भाजपा
नागपुर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल गुडधे का भाजपा पर बड़ा हमला; ‘फेक नैरेटिव’ से जनता को गुमराह कर रही सत्तापक्ष
भोपाल: NSUI कार्यकर्ता गिरफ्तार, धर्मेंद्र प्रधान को दिखाने वाले थे काले झंडे, उमंग सिंघार ने दी प्रतिक्रिया
भारतीयों की मौत पर इंदौर में कांग्रेस का प्रदर्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका
कांग्रेस ने 50 सीटों पर जो नाम घोषित किए हैं, उनमें सवर्णों में सबसे अधिक 8 भूमिहार शामिल हैं। इसके अलावा 6 ब्राह्मण और 5 राजपूतों को टिकट मिला है, यानी कुल 19 सवर्ण उम्मीदवार। पार्टी ने 10 पिछड़ा वर्ग (जिसमें 4 यादव), 6 अति पिछड़ा, 5 मुस्लिम और 9 अनुसूचित जाति के नेताओं पर भरोसा जताया है।
यह भी पढ़ें: दिल्ली से दूरी मिटानी है तो मेरी बात माननी पड़ेगी, उमर अब्दुल्ला की केन्द्र सरकार से अपील
वाम दलों ने ओबीसी-दलित को साधा
महागठबंधन में शामिल वामदलों ने भी अपने समीकरण साधे हैं। लेफ्ट पार्टियों ने 29 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है, जिनमें सीपीआई माले की 19, सीपीआई की 6 और सीपीएम की 4 सीटें हैं। वाम दलों ने सर्वाधिक 15 टिकट पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवारों को दिए हैं। इसके अलावा, 8 दलित, 2 अल्पसंख्यक और एक अति पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार को टिकट सौंपा गया है। सवर्ण समाज से 2 भूमिहार और 1 राजपूत को उम्मीदवार बनाया गया है। हालांकि, अभी महागठबंधन में 40 फीसदी सीटों पर प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा बाकी है।
