रीगा विधानसभा: रीगा में BJP की राह मुश्किल! तेजस्वी-राहुल की वोटर अधिकार यात्रा से सियासी हलचल तेज
Bihar Assembly Elections: रीगा विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास दिखाता है कि यहां की जनता ने गठबंधन की स्थिति के आधार पर निर्णायक रूप से जनादेश दिया है। 2015 यहां बीजेपी को हार मिला था।
- Written By: मनोज आर्या
बिहार विधानसभा चुनाव 2025, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच, सीतामढ़ी जिले की रीगा विधानसभा सीट अपनी कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था, नेपाल सीमा से निकटता और राजनीतिक अस्थिरता के कारण चर्चा में है। सांस्कृतिक रूप से यह क्षेत्र माता सीता की पवित्र जन्मभूमि की आध्यात्मिकता और मिथिला की रंगीन कला-परंपराओं का संगम है।
यह सीट केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की पहचान मिथिला पेंटिंग (मधुबनी कला) और एक समय की आर्थिक रीढ़ रीगा चीनी मिल से भी जुड़ी है। रीगा एक कृषि-प्रधान क्षेत्र है, जहां धान, गेहूं और गन्ने की खेती प्रमुख है। हालांकि, कमला और बागमती नदियों से आने वाली हर साल की बाढ़ यहां के किसानों की आजीविका और विकास पर भारी पड़ती है।
दिखता है गठबंधन का प्रभाव
रीगा विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास दिखाता है कि यहां की जनता ने गठबंधन की स्थिति के आधार पर निर्णायक रूप से जनादेश दिया है। 2015 में जब नीतीश कुमार ने भाजपा का दामन छोड़कर राजद के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, तो यहां भाजपा का कमल खिल नहीं पाया। वहीं 2020 में जब नीतीश कुमार भाजपा के साथ आए, तो भाजपा के उम्मीदवार मोतीलाल प्रसाद ने यहां जीत हासिल की। यह स्पष्ट है कि यह सीट हमेशा से कांटे की टक्कर वाली रही है, जहां गठबंधन की केमिस्ट्री व्यक्तिगत उम्मीदवारों की लोकप्रियता से अधिक महत्वपूर्ण साबित होती है।
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2025 में इंडिया ब्लॉक की रणनीति
इस बार इंडिया ब्लॉक ने इस सीट पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के माध्यम से जनसमर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। इनका दावा है कि इस बार उन सीटों पर भी जीत हासिल करेंगे, जहां पिछली बार हार हुई थी, और रीगा विधानसभा उन्हीं में से एक है। इंडिया ब्लॉक की रणनीति स्थानीय लोगों की जॉब को लेकर दिख रही निराशा, खासकर चीनी मिल बंदी, विकास की कमी और बाढ़ के मुद्दों को भुनाने पर टिकी है।
विकास और धार्मिक उम्मीदें
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आगामी विधानसभा चुनाव और माता जानकी मंदिर परियोजना के बन जाने से विकास उनके गाँव-घर तक भी पहुँचेगा। यह परियोजना न केवल इस क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान में लाई है, बल्कि यह धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने का एक बड़ा अवसर भी है।
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मतदाताओं की स्थिति
1 जनवरी 2024 तक चुनाव आयोग के डाटा के अनुसार, इस विधानसभा में कुल वोटर्स की संख्या 3,25,122 है, जिनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या (1,72,123) महिलाओं (1,52,988) से अधिक है। 2025 के चुनाव में भाजपा को अपनी सीट बचाने के लिए जहां विकास कार्यों की डिलीवरी और गठबंधन की मज़बूती पर निर्भर रहना होगा, वहीं इंडिया ब्लॉक के लिए यह सीट गठबंधन की शक्ति और एंटी-इंकम्बेंसी का लाभ उठाने का एक अहम मौका है।
