असदुद्दीन ओवैसी व तेजस्वी यादव (डिजाइन फोटो)
Bihar Assembly Elections: सीमांचल की 55वीं कोचाधामन विधानसभा सीट पर अस्तित्व, गढ़ और प्रतिष्ठा को बचाए रखने की लड़ाई है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने 2015 में सीमांचल से ही बिहार में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे वह कोचाधामन समेत सीमांचल क्षेत्र में मज़बूत होती गई और 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सीमांचल की पांच सीटें जीतीं।
AIMIM कोचाधामन विधानसभा क्षेत्र में काफी सक्रिय है। 2020 के चुनाव में AIMIM ने कोचाधामन में लगभग 80,000 वोट हासिल कर भारी जीत हासिल की थी। इस बार ओवैसी की पार्टी ने आरजेडी के पूर्व जिला अध्यक्ष सरवर आलम को अपना उम्मीदवार बनाया है। सरवर आलम के सामने AIMIM की कोचाधामन सीट और पार्टी की प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती है।
इस बीच आरजेडी ने AIMIM से पार्टी में शामिल हुए मोहम्मद इजहार असफी पर भरोसा नहीं किया और पूर्व जेडीयू विधायक मुजाहिद आलम को अपना उम्मीदवार बनाया। 2010 में सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आए मुजाहिद आलम ने एनडीए के बैनर तले अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन असफल रहे।
उन्होंने 2014 के उपचुनाव में जेडीयू उम्मीदवार के रूप में अपनी पहली जीत हासिल की और विधायक बने। 2015 में उन्होंने महागठबंधन के बैनर तले लगातार दूसरी जीत हासिल की। हालांकि, 2020 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए-जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़कर उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
इस बार मुजाहिद आलम के सामने अपनी हार का सिलसिला तोड़ने की चुनौती है। चुनाव परिणाम बेहद दिलचस्प और दूरगामी होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि इस चुनाव में AIMIM के सरवर आलम और आरजेडी के मुजाहिद आलम के बीच कड़ा मुकाबला हुआ है।
70% मुस्लिम बहुल कोचाधामन विधानसभा क्षेत्र में AIMIM और आरजेडी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस बार कोचाधामन विधानसभा क्षेत्र में रिकॉर्ड 76% मतदान हुआ। मतदान प्रतिशत में यह बढ़ोतरी चुनाव नतीजों को काफी दिलचस्प बना सकती है।
कोचाधामन विधानसभा क्षेत्र में आरजेडी उम्मीदवार मुजाहिद आलम और AIMIM उम्मीदवार सरवर आलम के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, हालांकि भाजपा उम्मीदवार वीणा देवी ने भी अपने वोटों को मज़बूत करने के लिए काफी मेहनत की है। मतदान समाप्त होने के बाद से ही राजनीतिक रुझान वाले लोग कोचाधामन प्रखंड के विभिन्न बाज़ारों में चुनाव के नतीजों का आकलन करने में व्यस्त हैं।
हर उम्मीदवार के समर्थक अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। जहां आरजेडी अपने मूल मतदाताओं और भाजपा के हिंदू मतदाताओं पर अपनी उम्मीदें टिकाए हुए है, वहीं AIMIM अपने मूल मतदाताओं पर भरोसा जताती दिख रही है। दोनों प्रमुख उम्मीदवार जीत के प्रति आश्वस्त दिख रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि कोचाधामन की जनता किस उम्मीदवार को चुनती है।
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गौरतलब है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में AIMIM उम्मीदवार मोहम्मद इज़हार असफी ने जेडीयू उम्मीदवार मास्टर मुजाहिद आलम को हराया था। चुनाव जीतने के लगभग दो साल बाद, मोहम्मद इज़हार असफी आरजेडी में शामिल हो गए, लेकिन आरजेडी ने अंतिम समय में उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया और जेडीयू के पूर्व विधायक मुजाहिद आलम को अपना उम्मीदवार बनाया।
इस चुनाव में AIMIM ने पूर्व आरजेडी जिला अध्यक्ष और पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सरवर आलम को उम्मीदवार बनाया, जो 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी उम्मीदवार रहे शाहिद आलम के पुत्र हैं। भाजपा ने भाजपा मंडल अध्यक्ष वीणा देवी को उम्मीदवार बनाया। जनसुराज से बसपा उम्मीदवार एडवोकेट अबू अफ्फान फारूकी और एक निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे थे। देखना दिलचस्प होगा कि यहां क्या होता है।