‘मैंने तो पहले ही बम फोड़ दिया था, लेकिन…’, निशांत कुमार की JDU में एंट्री पर तेज प्रताप यादव की प्रतिक्रिया
Tej Pratap Yadav: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की जेडीयू में एंट्री पर जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है।
- Written By: मनोज आर्या
Tej Pratap Yadav On Nishant Kumar: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की जेडीयू में एंट्री पर जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। तेज प्रताप ने कहा कि उन्होंने बहुत पहले ही निशांत के राजनीति में आने की भविष्यवाणी कर दी थी। हालांकि उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि निशांत को बहुत पहले सक्रिय हो जाना चाहिए था, उन्होंने आने में देर कर दी। तेज प्रताप ने ‘परिवारवाद’ के आरोपों पर भी खुलकर बात की और कहा कि लोकतंत्र में सबको चुनाव लड़ने की आजादी है, लेकिन पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को भी मौका मिलना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बिहार में शराबबंदी को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि होली के दौरान घर-घर शराब की होम डिलीवरी हुई है। तेज प्रताप ने अपनी पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ (JJD) के विस्तार और आगामी एमएलसी चुनावों में उतरने की घोषणा भी की। उन्होंने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए और इसे सत्ता के भीतर मचे ‘उथल-पुथल’ का संकेत बताया।
Tej Pratap Yadav On Nishant Kumar: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की जेडीयू में एंट्री पर जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। तेज प्रताप ने कहा कि उन्होंने बहुत पहले ही निशांत के राजनीति में आने की भविष्यवाणी कर दी थी। हालांकि उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि निशांत को बहुत पहले सक्रिय हो जाना चाहिए था, उन्होंने आने में देर कर दी। तेज प्रताप ने ‘परिवारवाद’ के आरोपों पर भी खुलकर बात की और कहा कि लोकतंत्र में सबको चुनाव लड़ने की आजादी है, लेकिन पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को भी मौका मिलना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बिहार में शराबबंदी को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि होली के दौरान घर-घर शराब की होम डिलीवरी हुई है। तेज प्रताप ने अपनी पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ (JJD) के विस्तार और आगामी एमएलसी चुनावों में उतरने की घोषणा भी की। उन्होंने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए और इसे सत्ता के भीतर मचे ‘उथल-पुथल’ का संकेत बताया।
