भरत तिवारी एनकाउंटर: सुप्रीम कोर्ट का तुरंत सुनवाई से साफ इनकार! वकील विशाल तिवारी को दिया ये बड़ा निर्देश
Bharat Bhushan Tiwari Encounter Bihar: सुप्रीम कोर्ट ने भारत भूषण तिवारी मुठभेड़ याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता को रजिस्ट्रार के पास निर्देशित करता है।
- Written By: प्रिया जैस
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Supreme Court on Bharat Bhushan Tiwari Encounter: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में याचिका दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की तारीख तय करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वह रजिस्ट्रार के समक्ष मामले का उल्लेख करे, जिसके बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी द्वारा दायर की गई है। इस याचिका में घटना की CBI जांच कराने और सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की गई है।
CBI को जांच सौंपने की मांग
इस याचिका में आरोप लगाया है कि बिहार के भोजपुर जिले में हुई पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत एक “न्यायेतर हत्या” का मामला हो सकती है, इसलिए इसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच बेहद जरूरी है। याचिका में यह भी मांग की गई है कि एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए और पूरे मामले की जांच CBI को सौंपी जाए।
सम्बंधित ख़बरें
74 वर्षीय लकवाग्रस्त बुजुर्ग को SC से राहत; कुल्हाड़ी से हमले के आरोप में गिरफ्तारी होने पर जमानत का आदेश
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई, भोजपुर SHO समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड
एक्टर पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर खूनी हमला, गंभीर हालत में इलाज के लिए पटना रेफर, 1 आरोपी गिरफ्तार
NEET परीक्षा में फिर सेंध! बिहार में सॉल्वर गैंग के 24 लोग अरेस्ट, बायोमेट्रिक कंपनी भी जांच के घेरे में
घटना बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव की बताई जा रही है, जहां बुधवार को पुलिस और एक व्यक्ति के बीच फायरिंग हुई थी। पुलिस का दावा है कि अभियान के दौरान भरत भूषण तिवारी ने पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके बाद आत्मरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
यह भी पढ़ें – एक्टर पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर खूनी हमला, गंभीर हालत में इलाज के लिए पटना रेफर, 1 आरोपी गिरफ्तार
इस गोलीबारी में भरत भूषण तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई थी। इस बीच बिहार सरकार ने भी मामले को लेकर न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
सीएम सम्राट चौधरी ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बिलौती गांव में हुई मुठभेड़ की जांच पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि इस जांच से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ समीक्षा सुनिश्चित होगी।
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में दिनांक 17.06.2026 को हुई पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हेतु उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है। न्यायिक जांच का उद्देश्य घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्षता एवं… — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 20, 2026
उधर, इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई भी की गई है। बिहार पुलिस ने एक थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक कथित वीडियो सामने आने के बाद की गई, जिसमें एक हथियारबंद व्यक्ति पुलिस बल की ओर पिस्तौल ताने हुए दिखाई दे रहा है और पुलिसकर्मियों पर समय पर प्रतिक्रिया न देने के आरोप लगाए गए हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
