अमरेंद्र कुमार पांडेय : कुचायकोट के सशक्त राजनेता और जेडीयू का भरोसेमंद चेहरा
Amarendra Kumar Pandey Profile: अमरेंद्र को राजनीतिक गलियारे में पप्पू पांडेय के नाम से जाना जाता है, बिहार की राजनीति में एक मजबूत और प्रभावशाली नाम हैं। जानिए कैसा रहा है उनकी सियासी सफर।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
अमरेंद्र कुमार पांडेय, फोटो- सोशल मीडिया
Bihar Assembly Election 2025: अमरेंद्र कुमार पांडेय पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं और वर्तमान में कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और जेडीयू के राज्य महासचिव के रूप में भी कार्यरत हैं।
अमरेंद्र पांडेय ने 2001 में गोपालगंज जिला बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 2005 में वह बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) से विधायक बने, लेकिन उसी वर्ष उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का दामन थामा और दोबारा चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत किया। इसके बाद 2010, 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने लगातार जीत दर्ज की, जिसमें दो बार उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद काली प्रसाद पांडे को हराया।
कुचायकोट में चुनावी समीकरण
कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र गोपालगंज लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और यहां का चुनावी इतिहास बेहद दिलचस्प रहा है। यहां ब्राह्मण, यादव, कोइरी और मुस्लिम समुदाय के मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ब्राह्मण समुदाय की मजबूत उपस्थिति के कारण यह सीट पारंपरिक रूप से भाजपा समर्थक मानी जाती है। हालांकि, जेडीयू के अमरेंद्र पांडेय ने इस समीकरण को अपने पक्ष में मोड़ते हुए लगातार जीत दर्ज की है।
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2025 चुनाव की रणनीति
2025 के विधानसभा चुनाव को लेकर कुचायकोट में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जेडीयू अपने मौजूदा विधायक के कार्यों और एनडीए सरकार की उपलब्धियों को सामने रखकर वोट मांगेगी। वहीं, महागठबंधन बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।
व्यक्तिगत जीवन और पृष्ठभूमि
अमरेंद्र पांडेय का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय राम अशीष पांडेय भी सामाजिक रूप से सक्रिय थे। उन्होंने डॉ. राजेंद्र प्रसाद कॉलेज से 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की है। पेशे से वह कृषि और व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि उनकी पत्नी हथुआ कंस्ट्रक्शन और राज कॉम्प्लेक्स से आय अर्जित करती हैं।
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अमरेंद्र कुमार पांडेय तमाम आपराधिक मामलों में आरोपित होने के बावजूद भी कुचायकोट में एक मजबूत राजनीतिक आधार बनाया है। उनकी लगातार जीत इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने जनता के बीच अपने कार्य व व्यवहार को लेकर विश्वसनीयता और लोकप्रियता बनाए रखी है। 2025 का चुनाव उनके लिए एक और परीक्षा होगी, जिसमें उन्हें अपने कार्यों और छवि के बल पर जनता का विश्वास फिर से जीतना होगा।
