

World EV Day 2026 Theme: हर साल कि तरह ही इस साल भी 9 सितंबर को World EV Day मनाया जा रहा है। इसको इस लिए मनाया जाता है ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा सके। वहीं यह ग्लोबल कैंपेन अब दुनिया में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर जागरूकता बढ़ाने वाले अहम मौकों में शामिल हो चुका है। इसको लेकर खास बात यह है कि World EV Day 2026 का फोकस केवल प्रदूषण कम करने और पर्यावरण बचाने तक सीमित नहीं है। इस बार जोर इस बात पर है कि इलेक्ट्रिक वाहन आम लोगों के लिए ज्यादा किफायती कैसे बन सकते हैं। ऐसे में भारत में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री लगातार बढ़ रही है और ग्राहक पेट्रोल-डीजल वाहनों के विकल्प के तौर पर EV को गंभीरता से देखने लगे हैं।
हाल में ही आए आकंड़ों में देखा गया था कि भारत में EV कि लोकप्रियता लगातार बढ़ती ही जा रही है। वहीं फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन यानी FADA के आंकड़ों में बताया गया कि अगस्त 2026 में देश में कुल 2,98,448 इलेक्ट्रिक वाहन बिके है। यह आंकड़ा पिछले साल अगस्त की तुलना में 52.9 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी को दिखाते है। वहीं पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की कम रनिंग कॉस्ट भी ग्राहकों को अपनी ओर खींच रही है। जिसका सीधा मतलब है कि EV अब केवल पर्यावरण के लिए अच्छा विकल्प नहीं माना जा रहा बल्कि जेब के लिहाज से भी इसे फायदे का सौदा समझा जा रहा है।
World EV Day के बारे में बताए तो यह एक ग्लोबल कैंपेन है जिसका उद्देश्य लोगों को पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसमें ऑटो कंपनियों, सरकारों, चार्जिंग नेटवर्क से जुड़ी कंपनियों और EV यूजर्स को एक साथ लाने की कोशिश की जाती है। यह अभियान पहली बार 2020 में Green.TV और ABB की साझेदारी से शुरू हुआ था। वहीं 2026 में इसे शुरू हुए सात साल पूरे हो रहे हैं। यह किसी एक सरकार या कंपनी का आधिकारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़े विभिन्न संगठनों और संस्थाओं का साझा अभियान है।
World EV Day 2026 की थीम है Switching Electric: Driving Down the Cost of Motoring। जिसको आसान भाषा में समझाए तो यह इलेक्ट्रिक वाहन अपनाकर वाहन चलाने का कुल खर्च कम किया जाने को लेकर है। वहीं यह थीम इसलिए खास है क्योंकि आज ग्राहक EV खरीदते समय सिर्फ पर्यावरण के फायदे नहीं देखते। वे यह भी हिसाब लगाते हैं कि कार या बाइक को रोजाना चलाने में प्रति किलोमीटर कितना खर्च आएगा। साथ ही बैटरी तकनीक में सुधार, बैटरी की लागत में कमी और किफायती इलेक्ट्रिक मॉडल्स की बढ़ती संख्या ने EV को पहले के मुकाबले ज्यादा लोगों की पहुंच में ला दिया है।
भारत जैसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता इस्तेमाल कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। एक तरफ इससे पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है वहीं दूसरी ओर शहरों में प्रदूषण कम करने की दिशा में भी यह अहम भूमिका निभा सकता है। लेकिन EV को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क, बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी और किफायती कीमतें जरूरी हैं। वहीं World EV Day जैसे अभियान इसी बदलाव को तेज करने और लोगों के बीच इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर भरोसा बढ़ाने का काम करते हैं।