दिल्ली में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ेगा भारी, 6 महीने में कटे 48 लाख चालान, जानें किस राज्य ने बनाया रिकॉर्ड
Traffic Challan: आप भी दिल्ली में वाहन चलाते हैं तो ट्रैफिक नियमों को हल्के में लेना अब महंगा पड़ सकता है। राजधानी में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो गई है।
- Written By: सिमरन सिंह
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E-Challan 2026: आप भी दिल्ली में वाहन चलाते हैं तो ट्रैफिक नियमों को हल्के में लेना अब महंगा पड़ सकता है। बता दें कि राजधानी में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो गई है। जिसमें जनवरी से जून 2026 के बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 48.42 लाख चालान जारी किए जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 1 लाख अधिक हैं। जिसमें देखा गया कि इनमें 17.21 लाख चालान रेड लाइट और स्पीड वॉयलेशन डिटेक्शन कैमरों के जरिए स्वत: जारी किए गए। इसके साथ ही पुलिस ने सड़क सुरक्षा और जाम कम करने के लिए कई तकनीकी और इंजीनियरिंग सुधार भी किए हैं।
दिल्ली में क्यों बढ़े चालान?
देखा जा रहा है कि राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए सिर्फ जुर्माने पर ही नहीं बल्कि आधुनिक तकनीक पर भी जोर दिया जा रहा है। जिसको आगे बढ़ाते हुए इस साल 30 प्रमुख कंजेशन हॉटस्पॉट पर सुधारात्मक कार्य किए गए हैं जबकि 8 सिग्नल-फ्री कॉरिडोर विकसित किए गए हैं। इसके अलावा खतरनाक ड्राइविंग के मामलों में 2,187 एफआईआर भी दर्ज हुई है। वहीं इसको लेकर अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा बढ़ाना और ट्रैफिक जाम को कम करना भी है।
देश में सबसे ज्यादा चालान किस राज्य में कटे?
अगर पूरे देश के 1 जनवरी 2019 से 31 दिसंबर 2023 तक के ई-चालान आंकड़ों पर नजर डालें तो तमिलनाडु सबसे आगे रहा है। यहां करीब 5.57 करोड़ ई-चालान जारी किए गए। दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश रहा जहां 4.40 करोड़ चालान काटे गए। इसके बाद केरल (1.88 करोड़), हरियाणा (1.03 करोड़) और दिल्ली (90.22 लाख) का नंबर आता है। वहीं केंद्र शासित प्रदेशों की बात करें तो दिल्ली सबसे ऊपर रही। इसके बाद चंडीगढ़, पुडुचेरी, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव तथा लद्दाख का स्थान रहा।
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रेवेन्यू में उत्तर प्रदेश नंबर-1
देखा जा रहा है कि चालानों की संख्या में तमिलनाडु पहले स्थान पर जरूर रहा लेकिन जुर्माने से होने वाली कमाई के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे निकला हुआ है। जिसमें पांच वर्षों में यूपी को 24,951 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिला। इसके बाद हरियाणा (14,651 करोड़ रुपये), बिहार (14,003 करोड़ रुपये) और राजस्थान (13,934 करोड़ रुपये) का स्थान रहा। वहीं दिल्ली को 5,714 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
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देशभर में 18.24 करोड़ ई-चालान
जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार 2019 से 2023 के बीच देशभर में 18.24 करोड़ से अधिक ई-चालान जारी किए गए जिससे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 1.26 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिला। हालांकि इस डेटा में तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार के आंकड़े शामिल नहीं हैं। क्योंकि उस समय वहां ई-चालान प्रणाली पूरी तरह लागू नहीं थी।
इन आंकड़ों से साफ है कि अब ट्रैफिक नियमों का पालन कराना सिर्फ पुलिसकर्मियों पर निर्भर नहीं है। कैमरा आधारित निगरानी, ऑटोमैटिक ई-चालान सिस्टम और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट के जरिए नियम तोड़ने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ऐसे में सड़क पर निकलने से पहले ट्रैफिक नियमों का पालन करना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।
