Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • मंगल, 21 जुलाई 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

घास काटने के लिए 100 भेड़ों की स्पेशल फोर्स, Volkswagen का अनोखा फैसला, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

Volkswagen Sheep Project: क्या अपने कभी सोचा है कि दुनिया की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल Volkswagen अपनी हाईटेक फैक्ट्री में घास काटने के लिए मशीनों की जगह भेड़ों को नौकरी पर रख रही है।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Jul 20, 2026 | 03:44 PM

Volkswagen Sheep (Source. Gemini)

Follow Us
Follow Us:

Volkswagen Sheep Grass Cutting: क्या अपने कभी सोचा है कि दुनिया की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल Volkswagen अपनी हाईटेक फैक्ट्री में घास काटने के लिए मशीनों की जगह भेड़ों को नौकरी पर रख रही है। वैसे सुनने में तो यह किसी मजाक की तरह लगता है लेकिन कंपनी ने ऐसा करके पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बता दें कि पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और ऑपरेशन लागत घटाने के उद्देश्य से Volkswagen ने अपने विशाल सोलर प्लांट में 100 भेड़ों की स्पेशल फोर्स तैनात की है। लेकिन यह पहल सिर्फ घास कटवाने तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे एक बड़ा वैज्ञानिक प्रयोग भी छिपा हुआ है।

पोलैंड के सोलर फार्म में शुरू हुआ अनोखा प्रयोग

यह अनोखा प्रोजेक्ट पोलैंड के पॉज्नान स्थित Volkswagen प्लांट में चल रहा है जहां कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक कमर्शियल वैन e-Crafter का निर्माण करती है। जानकारी में बताया जा रहा है कि फैक्ट्री की बिजली जरूरत पूरी करने के लिए यहां 31,000 से अधिक सोलर पैनल लगाए गए हैं। इन पैनलों के नीचे उगने वाली घास को नियंत्रित रखने की जिम्मेदारी अब मशीनों की बजाय भेड़ों को दें दी गई है।

क्या है एग्रीवोल्टैक्स तकनीक?

इस मॉडल को Agrivoltaics कहा जाता है। इसका मतलब है कि एक ही जमीन का उपयोग दो उद्देश्यों के लिए किया जाए एक तरफ सोलर एनर्जी का उत्पादन और दूसरी ओर खेती या पशुपालन। यह मॉडल जमीन का बेहतर उपयोग करने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद माना जा रहा है। इसके साथ ही बर्लिन की ग्रीन फर्म Quanta Energy द्वारा विकसित 18.3 मेगावाट क्षमता वाला यह सोलर प्लांट फैक्ट्री की सालाना करीब 25% बिजली की जरूरत पूरी करता है। गर्मियों में कई बार यही प्लांट अकेले फैक्ट्री की 100% बिजली उपलब्ध कराने में सक्षम होता है।

सम्बंधित ख़बरें

NHAI की नई सुविधा, अब घर बैठे बनाएं डिजिटल लोकल टोल पास, महीनेभर करें अनलिमिटेड यात्रा

होंडा की नई प्रीमियम SUV की जल्द होगी एंट्री; 23 किमी का माइलेज और ADAS फीचर्स, जानें कितनी होगी कीमत

Innova और Carens की बढ़ेगी टेंशन! Mahindra-MG ला रहा हैं धाकड़ 7 सीटर SUVs, देखें क्या है खास

24 जुलाई को लॉन्च होगी नई मारुति ब्रेज़ा! तस्वीरों में देखें लुक, फीचर्स, माइलेज, कीमत और 10 बड़ी बातें

मशीनों की छुट्टी प्रकृति की जीत

देखा जा रहा है कि भेड़ों के प्राकृतिक रूप से घास चरने से डीजल या पेट्रोल से चलने वाली घास काटने की मशीनों की जरूरत खत्म हो गई है। इससे न केवल मेंटेनेंस खर्च कम हुआ है बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आती है। साथ ही मशीनों से उड़ने वाले पत्थरों या मलबे से सोलर पैनलों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी नहीं होता।

ये भी पढ़े: 2026 के सबसे किफायती Electric Scooters, 70 हजार से कम में शुरू होती है कीमत

सिर्फ घास नहीं वैज्ञानिक रिसर्च भी कर रही हैं भेड़ें

Volkswagen ने इस प्रोजेक्ट के लिए पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज के वैज्ञानिकों के साथ साझेदारी की है। जिसमें शोधकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या सोलर पैनल्स की छांव से भेड़ों को भीषण गर्मी से राहत मिलती है? भेड़ों की मौजूदगी से वहां की मिट्टी और वनस्पतियों पर क्या पॉजिटिव असर पड़ रहा है? और क्या इस सेटअप से स्थानीय कीड़े-मकोड़ों और वन्यजीवों के लिए एक नया इकोसिस्टम तैयार हो रहा है? इसके साथ ही बता दें कि भेड़ों की मालकिन जस्टिना नोवाक-गाजेक के अनुसार भेड़ें इस औद्योगिक माहौल में पूरी तरह सहज हैं और अलग-अलग समूहों में आराम से घास चर रही हैं।

इतना ही नहीं मार्जेना पिलिच-ग्रोंस्का, डायरेक्टर, फॉक्सवैगन पॉज्नान के अनुसार “आज यह सोलर फार्म सिर्फ ग्रीन बिजली ही नहीं दे रहा है बल्कि यह जैव विविधता, स्थानीय कृषि और वैज्ञानिक अनुसंधान का केंद्र बन चुका है। भेड़ों का यह प्रोजेक्ट साबित करता है कि आधुनिक उद्योग और प्रकृति एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं।” यह पहल दिखाती है कि भविष्य की इंडस्ट्री सिर्फ तकनीक नहीं बल्कि टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल समाधानों पर भी आगे बढ़ रही है।

Special force 100 sheep to mow grass volkswagen sheep unique decision

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 20, 2026 | 03:44 PM

Topics:  

  • Automobile News
  • Sheep
  • Volkswagen

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.