

केंद्र सरकार जल्द ही देशभर में नई टोल वसूली प्रणाली लागू करने जा रही है, जिससे हाइवे पर यात्रा करने वालों को बड़ी राहत मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार, यह नीति अगले 7 से 10 दिनों में लागू की जा सकती है और इसका उद्देश्य मौजूदा टोल सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाना है।
नई नीति के तहत वाहन चालकों से टोल शुल्क उसी अनुपात में वसूला जाएगा, जितनी दूरी उन्होंने हाइवे या एक्सप्रेसवे पर तय की है। अब अगर कोई वाहन सिर्फ 10 किमी तक यात्रा करता है, तो उसे पूरे रूट का टोल नहीं, केवल उस दूरी का भुगतान करना होगा। इससे खासतौर पर कम दूरी के यात्रियों को बड़ा फायदा मिलेगा।
नई प्रणाली में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रेकग्निशन (ANPR) और फास्टैग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। हर टोल बूथ पर कैमरे लगेंगे जो वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन करेंगे और फास्टैग के माध्यम से बैंक खाते से स्वतः राशि कटेगी। इससे न केवल लंबी कतारों और ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी बल्कि टोल चोरी पर भी अंकुश लगेगा।
सरकार की इस नई पहल से टोल वसूली में पारदर्शिता आएगी और नकदी लेनदेन की जरूरत खत्म होगी। यात्री बिना रुके सफर कर सकेंगे, जिससे समय, ईंधन और ऊर्जा की बचत होगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस नई नीति से हाईवे यात्रा अधिक सस्ती, तेज़ और सुविधाजनक बन जाएगी।