पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा तो EV की डिमांड में आया विस्फोट, 15 दिनों में दोगुनी हुई इलेक्ट्रिक कारों की बुकिंग

EV Demand In India: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों का रुझान अब तेजी से बढ़ता जा रहा है। देखा गया है कि पिछले 15 दिनों में इलेक्ट्रिक कारों और स्कूटर्स की मांग में जबरदस्त उछाल आया है।
Petrol and Diesel Prices Soar EV Demand Explodes
EV Demand (Source. Freepik)
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EV Demand In Market Growth: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों का रुझान अब तेजी से बढ़ता जा रहा है। देखा गया है कि पिछले 15 दिनों में इलेक्ट्रिक कारों और स्कूटर्स की मांग में जबरदस्त उछाल आया है और इस उछाल का कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर अपील और पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतें है। जैसा कि आपको पता है कि अमेरिका-ईरान तनाव के कारण ऊर्जा संकट देश में ईंधन की कीमतों मेंको बढ़ा रहा है जिसमें अब तक 6 से 7 रुपये तक बढ़ोतरी हो गई है। ऐसे में इसका असर ऑटो बाजार में दिखाई दे रहा है। जहां लोग पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की बजाय कम खर्च वाले इलेक्ट्रिक वाहनों ले रहे है।

टाटा मोटर्स और Ather की बढ़ी टेंशन

ET की रिपोर्ट के मुताबिक EV की बढ़ती डिमांड ने ऑटो कंपनियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। जिसमें अब सप्लाई चेन समस्याओं और कर्मचारियों की कमी के कारण कंपनियां तेजी से बढ़ रहे ऑर्डर पूरे करने में परेशानी का सामना कर रही है। इसको लेकर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के MD शैलेश चंद्रा ने कहा, "पिछले 15 दिनों में पूरी स्थिति बदल गई है। दो-तीन हफ्ते पहले जो तेजी दिख रही थी अब उससे भी ज्यादा तेजी से लोगों की रुचि बढ़ी है" इसको लेकर कंपनी का साफ कहना है कि इलेक्ट्रिक कारों की बुकिंग में 2 से 2.5 गुना तक का उछाल आ गया है। जिसमें अब Ather Energy के इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की मांग भी तेजी से बढ़ी रही है।

बिक्री के आंकड़े भी बता रहे EV क्रांति की कहानी

सरकार के वाहन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार 27 मई तक इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन 51% बढ़कर 21,669 यूनिट पहुंच गया। दूसरी तरफ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री में 36% की बढ़ोतरी दर्ज हुई और आंकड़ा 1,43,668 यूनिट तक पहुंच चुका है। इतना ही नहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा में EV SUV की हिस्सेदारी 8% से बढ़कर 10% हो गई है और टाटा मोटर्स में यह हिस्सेदारी 14% से बढ़कर 18% तक पहुंच चुकी है।

कम रनिंग कॉस्ट बना रही EV को फायदे का सौदा

अब तक सामने आए आकंड़ों को देखने के बाद ऑटो जनकारों का मानना है कि EV की सबसे बड़ी ताकत इसकी कम रनिंग कॉस्ट है। जहां पेट्रोल कार चलाने पर हर 100 किलोमीटर में करीब 700 से 900 रुपये तक खर्च होते है वहीं EV में यही खर्च सिर्फ 120 से 180 रुपये तक का आता है। वहीं अगर सोलर एनर्जी का इस्तेमाल किया जाए तो यह लागत और भी कम हो जाती है। इतना ही नहीं सरकार की टैक्स छूट और EV पॉलिसी भी ग्राहकों को राहत दे रही है।

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