Highway पर ट्रक खड़ा किया तो पड़ेगा महंगा, सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश, अब खत्म होगे पुराने तरीके
Truck Parking Rules: भारत में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट ने Highway पर भारी और कमर्शियल वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
- Written By: सिमरन सिंह
Truck Parking in Highway (Source. Freepik)
Highway Safety: भारत में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम और सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट ने हाईवे पर भारी और कमर्शियल वाहनों की पार्किंग पर पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, देश के कुल सड़क नेटवर्क में हाईवे का हिस्सा सिर्फ करीब 2% है, लेकिन यहां होने वाले हादसे लगभग 30% तक पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि इस गंभीर स्थिति को सुधारने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
हाईवे को खतरे का रास्ता नहीं बनने देंगे
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि Highway और एक्सप्रेसवे तेज रफ्तार यातायात के लिए बनाए जाते हैं, न कि दुर्घटनाओं के लिए। “अगर अवैध पार्किंग, ब्लैकस्पॉट्स या खराब व्यवस्था के कारण एक भी जान जाती है, तो यह सिस्टम की बड़ी विफलता मानी जाएगी।” कोर्ट का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब हाईवे पर नहीं खड़े होंगे ट्रक
नए आदेश के तहत अब कोई भी ट्रक या कमर्शियल वाहन हाईवे की मुख्य सड़क या उसके किनारे खड़ा नहीं किया जा सकेगा। सिर्फ तय किए गए पार्किंग ज़ोन, ले-बाय या अधिकृत स्थानों पर ही वाहन खड़े करने की अनुमति होगी। यह नियम इसलिए जरूरी है क्योंकि सड़क किनारे खड़े ट्रक, खासकर रात के समय, बड़े हादसों का कारण बनते हैं।
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तकनीक के जरिए होगी सख्त कार्रवाई
इस नियम को लागू करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा। एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS), GPS आधारित फोटो सबूत और ई-चालान सिस्टम के जरिए नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इस काम में NHAI, राज्य पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग मिलकर काम करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरी व्यवस्था को लागू करने के लिए 60 दिनों की समय सीमा तय की है। साथ ही, हर जिले के डीएम को SOP तैयार कर इसे सख्ती से लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है।
अवैध ढाबों और दुकानों पर भी गिरेगी गाज
कोर्ट ने हाईवे किनारे हो रहे अतिक्रमण पर भी कड़ा रुख अपनाया है। अब Highway की सीमा में नए ढाबे या दुकानें नहीं बन सकेंगी। जो अवैध निर्माण पहले से मौजूद हैं, उन्हें 60 दिनों के अंदर हटाने का आदेश दिया गया है। साथ ही, पहले से दिए गए लाइसेंस की भी समीक्षा होगी।
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हाईवे सेफ्टी के लिए बनेगी स्पेशल टीम
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जिला स्तर पर हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स बनाई जाएगी। यह टीम निगरानी करेगी और जरूरत के मुताबिक सुधारात्मक कदम उठाएगी।
बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ेगी सुरक्षा
हादसा-प्रभावित इलाकों में बेहतर लाइटिंग, निगरानी सिस्टम और नियमित अंतराल पर सुरक्षित ट्रक पार्किंग (ले-बाय) विकसित किए जाएंगे। कुल मिलाकर सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और जरूरी कदम माना जा रहा है।
