

अब अगर आप अपनी निजी मोटरसाइकिल से कुछ कमाई करना चाहते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने आधिकारिक रूप से प्राइवेट मोटरसाइकिल को बाइक टैक्सी के तौर पर इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। लंबे समय से बाइक टैक्सी को लेकर चल रही अटकलों पर यह फैसला अब पूरी तरह से विराम लगा देता है।
बढ़ते ट्रैफिक और महंगे सफर के बीच बाइक टैक्सी एक सस्ता और तेज विकल्प बनकर उभरी है। यह न केवल ट्रैफिक से बचाती है, बल्कि कम खर्च में आपको मंजिल तक पहुंचा देती है। ऐसे में लोगों के बीच इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
सरकार द्वारा जारी मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस के तहत अब राज्य सरकारें तय करेंगी कि नॉन-ट्रांसपोर्ट यानी निजी मोटरसाइकिलों को राइड-शेयरिंग ऐप्स पर चलाने की अनुमति दी जाए या नहीं। इन नियमों के अनुसार:
हालांकि, हर राज्य की सोच एक जैसी नहीं है। कर्नाटक सरकार ने 16 जून से बाइक टैक्सी सेवा पर रोक लगा दी थी। कर्नाटक के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा, "तीन महीने पहले अदालत ने फैसला सुनाया था कि बाइक टैक्सियां अवैध हैं। अदालत ने छह सप्ताह का समय दिया था, फिर और छह सप्ताह का। अब जबकि 12 सप्ताह बीत चुके हैं, कंपनियों को हाईकोर्ट के आदेश का पालन करना होगा।"
बाइक टैक्सी सेवा अब कानूनी रूप से निजी बाइकों के ज़रिए दी जा सकेगी, लेकिन यह फैसला राज्य सरकारों के निर्णय पर निर्भर करेगा। यदि अनुमति मिलती है, तो यह युवाओं और यात्रियों – दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।