महाराष्ट्र में हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की समयसीमा फिर बढ़ी, अब 15 अगस्त तक मौका
Maharashtra HSRP Deadline: महाराष्ट्र सरकार ने HSRP लगाने की समयसीमा बढ़ा दी है। अब 1 अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड वाहनों पर इन प्लेटों की अनिवार्य फिटिंग के लिए मालिकों को 15 अगस्त का समय दिया जाएगा
- Written By: सिमरन सिंह
HRSP में क्या है बड़े बदलाव। (सौ. Pixabay)
Maharashtra Vehicle Registration Plate: महाराष्ट्र सरकार ने एक बार फिर हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने की समयसीमा बढ़ा दी है। अब 1 अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड वाहनों पर इन प्लेटों की अनिवार्य फिटिंग के लिए मालिकों को 15 अगस्त 2025 तक का समय मिलेगा। राज्य परिवहन विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि 16 अगस्त 2025 से नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
यह पहल दिसंबर 2024 में शुरू हुई थी और यह तीसरी बार है जब डेडलाइन बढ़ाई गई है। पहले अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 30 अप्रैल और फिर 30 जून किया गया था।
2.10 करोड़ में से सिर्फ 11% वाहनों में HSRP लगी
परिवहन विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में करीब 2.10 करोड़ पुराने वाहन HSRP लगाने के दायरे में आते हैं। हालांकि, जून के अंत तक मात्र 23 लाख वाहनों में ही नई प्लेट लग पाई है, जो कुल संख्या का लगभग 11% है।
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बुकिंग वालों को मिलेगी छूट
परिवहन विभाग ने सार्वजनिक नोटिस में कहा है, “15 अगस्त के बाद बिना HSRP वाले वाहनों पर प्रवर्तन दस्ते कार्रवाई करेंगे। हालांकि, जिन वाहनों की HSRP फिटिंग की वैध बुकिंग 15 अगस्त या उससे पहले हो जाएगी, उन्हें दंडात्मक कार्रवाई से छूट दी जाएगी।”
HSRP क्यों है जरूरी
HSRP का उद्देश्य वाहनों की पहचान और ट्रेसिंग आसान बनाना तथा वाहन चोरी जैसे अपराधों को कम करना है। यह प्लेट टैंपर-प्रूफ होती है और इसमें यूनिक 10-अंकों का लेज़र-कोड, नॉन-रिमूवेबल स्नैप लॉक और क्रोमियम-आधारित होलोग्राम होता है, जो इसे सामान्य नंबर प्लेट से कहीं अधिक सुरक्षित बनाता है। अप्रैल 2019 के बाद बेचे गए सभी नए वाहन फैक्ट्री-फिटेड HSRP के साथ आते हैं, जबकि पुराने वाहनों के लिए चरणबद्ध तरीके से यह सुविधा लागू की गई और समय-सीमा में बार-बार विस्तार किया गया।
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HSRP से जुड़े अन्य नियम और प्रक्रियाएँ
वाहन मालिक अपने नज़दीकी अधिकृत डीलर या परिवहन विभाग की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से HSRP बुक कर सकते हैं। बुकिंग के समय वाहन का पंजीकरण नंबर, इंजन नंबर और चेसिस नंबर दर्ज करना अनिवार्य है। वाहन को निर्धारित तिथि पर फिटिंग के लिए ले जाना होगा, जहाँ विशेषज्ञ तकनीशियन स्नैप लॉक के साथ प्लेट को स्थायी रूप से लगा देंगे। HSRP की कीमत वाहन के प्रकार पर निर्भर करती है और इसमें आगे और पीछे दोनों प्लेट शामिल हैं। साथ ही, प्लेट पर लगे लेज़र कोड और होलोग्राम की जानकारी राष्ट्रीय वाहन डेटाबेस में दर्ज हो जाती है, जिससे चोरी या अपराध की स्थिति में वाहन को ट्रैक करना आसान हो जाता है।
