अब सड़क हादसे होंगे कम? भारत में बनी पहली ADAS टेस्ट सिटी, जानिए कैसे बदलेगी ड्राइविंग की तस्वीर
ADAS Test City India: सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। देश की पहली ADAS टेस्ट सिटी के निर्माण के लिए ARAI ने साझेदारी की है। जो भविष्य की तस्वीर को बदल सकता है।
- Written By: सिमरन सिंह
ADAS City (Source. Freepik)
Smart Mobility: भारत में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। देश की पहली ADAS टेस्ट सिटी के निर्माण के लिए HERE Technologies और Automotive Research Association of India (ARAI) ने साझेदारी की है। इस पहल में HERE Technologies आधिकारिक नेविगेशन पार्टनर की भूमिका निभाएगी। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य भारतीय सड़कों की जटिल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ‘एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम’ (ADAS) का विकास और परीक्षण करना है। यह पहल आने वाले समय में सड़क हादसों को कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
क्या है ADAS टेस्ट सिटी का असली मकसद?
भारत की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव, अनियमित लेन, पैदल यात्री और अचानक सामने आ जाने वाले वाहन जैसी कई चुनौतियां होती हैं। ऐसे में विदेशी तकनीक हर बार पूरी तरह कारगर साबित नहीं होती। ADAS टेस्ट सिटी का उद्देश्य हाई-एक्यूरेसी नेविगेशन डेटा की मदद से ऑटोमोबाइल कंपनियों को ऐसे सॉल्यूशन तैयार करने में सहयोग देना है, जो भारतीय सड़क परिस्थितियों के मुताबिक बेहतर प्रदर्शन कर सकें। यह कदम सुरक्षित और इंटेलिजेंट मोबिलिटी की दिशा में भारत की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
drivebuddyAI का भारत-निर्मित ADAS सिस्टम
अहमदाबाद स्थित drivebuddyAI ने इस पहल के दौरान अपना स्वदेशी ADAS और ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम (DMS) पेश किया।
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बड़ी उपलब्धि
यह एकमात्र AI-पावर्ड सिस्टम है जिसे भारतीय (AIS-184) और यूरोपीय (EU GSR 2144) दोनों मानकों के तहत प्रमाणन प्राप्त है।
प्रभावशाली परिणाम
3.5 बिलियन किलोमीटर के डेटा पर आधारित इस प्लेटफॉर्म ने दुर्घटनाओं में 70% तक की कमी दर्ज की है। यह आंकड़ा अपने आप में इस तकनीक की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
स्मार्ट सेफ्टी के 5 दमदार फीचर्स
डेमो ट्रक पर प्रदर्शित 5वीं पीढ़ी के इस ADAS सॉल्यूशन में पांच प्रमुख सुरक्षा फीचर्स शामिल हैं:
- AEB: कैमरा-रडार फ्यूज़न तकनीक के साथ ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग।
- Drowsiness Warning: ड्राइवर को नींद या थकान की स्थिति में अलर्ट देना।
- Lane Departure Warning: वाहन के अपनी लेन से बाहर जाने पर चेतावनी।
- Blind Spot Information: उन क्षेत्रों की जानकारी देना जो रियर-व्यू मिरर में नजर नहीं आते।
- Moving Off Information: गाड़ी स्टार्ट करते समय आसपास की गतिविधियों की सूचना देना।
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क्यों है यह पहल आम लोगों के लिए जरूरी?
भारत में हर साल हजारों सड़क हादसे होते हैं। अगर ADAS जैसी तकनीक बड़े पैमाने पर लागू होती है, तो दुर्घटनाओं में भारी कमी लाई जा सकती है। देश की पहली ADAS टेस्ट सिटी न सिर्फ ऑटो इंडस्ट्री के लिए, बल्कि आम ड्राइवरों और परिवारों की सुरक्षा के लिए भी एक उम्मीद की किरण बनकर उभरी है।
