HSRP नंबर प्लेट: अनिवार्य नियम, फायदे और घर बैठे अप्लाई करने का तरीका
ट्रैफिक नियमों के तहत, HSRP नंबर प्लेट गाड़ी पर लगाना अनिवार्य है। अगर आपकी नंबर प्लेट टूट गई है, खराब हो गई है या गिर गई है, तो जल्द से जल्द इसे बदलवा लें।
- Written By: सिमरन सिंह
HSRP को लेकर क्या है नियम। (सौ. Freepik)
नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: अगर आपके पास टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर है, तो आपको हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के बारे में जानकारी होनी चाहिए। ट्रैफिक नियमों के तहत, HSRP नंबर प्लेट गाड़ी पर लगाना अनिवार्य है। अगर आपकी नंबर प्लेट टूट गई है, खराब हो गई है या गिर गई है, तो जल्द से जल्द इसे बदलवा लें। वरना आपको भारी चालान भरना पड़ सकता है और गाड़ी जब्त भी की जा सकती है।
HSRP नंबर प्लेट क्या है?
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) एल्यूमीनियम से बनी होती है। इसे रोसमेर्टा टेक्नोलॉजीज द्वारा निर्मित किया जाता है। यह वन-टाइम यूज्ड स्नैप-ऑन लॉक से गाड़ी के फ्रंट और बैक में लगाई जाती है, जिसे आसानी से हटाया नहीं जा सकता।
- नंबर प्लेट हटाने के बाद नई प्लेट नहीं लगाई जा सकती।
- यह वाहन की सुरक्षा और चोरी रोकने में मदद करती है।
HSRP नंबर प्लेट के प्रकार और डिजाइन
अलग-अलग साइज:
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वाहन के प्रकार के आधार पर, HSRP नंबर प्लेट का साइज अलग-अलग होता है, जैसे:
- 280×45 mm
- 200×100 mm
- 340×200 mm
- 500×120 mm
तीन अलग-अलग रंग:
वाहन की श्रेणी के अनुसार नंबर प्लेट के रंग अलग होते हैं:
- ग्रीन – इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए
- येलो – कमर्शियल व्हीकल्स के लिए
- व्हाइट – प्राइवेट व्हीकल्स के लिए
45° एंगल पर ‘INDIA’ की हॉट-स्टैम्पिंग:
HSRP में 45 डिग्री एंगल पर ‘INDIA’ लिखा होता है, जिसे हटाया नहीं जा सकता।
अशोक चक्र का होलोग्राम:
प्लेट के ऊपरी बाएं कोने में 20×20 mm का नीले रंग का अशोक चक्र होलोग्राम होता है, जो क्रोमियम बेस्ड हॉट-स्टैम्पिंग से बना होता है।
यूनिक कोड:
हर HSRP में 10 अंकों का यूनिक कोड (PIN) लेजर से लिखा होता है, जिसमें गाड़ी की पूरी डिटेल्स रहती हैं।
HSRP क्यों जरूरी है?
- चोरी हुए वाहनों को ट्रैक करना आसान होता है।
- क्रिमिनल एक्टिविटी में गाड़ियों के दुरुपयोग को रोकता है।
- सड़क परिवहन मंत्रालय के नियमों के अनुसार अनिवार्य।
- गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर धोखाधड़ी करना मुश्किल होता है।
यदि आपकी गाड़ी पर HSRP नहीं लगी है, तो ट्रैफिक पुलिस चालान काट सकती है और गाड़ी जब्त भी कर सकती है।
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HSRP नंबर प्लेट की कीमत कितनी है?
- टू-व्हीलर: ₹400 – ₹500
- फोर-व्हीलर: ₹1100 – ₹1200
(कीमत वाहन के प्रकार और ब्रांड पर निर्भर करती है।)
- ध्यान दें: केवल ऑथराइज्ड वेंडर से ही HSRP नंबर प्लेट लगवाएं।
घर बैठे HSRP नंबर प्लेट कैसे ऑर्डर करें?
अगर आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट टूट गई है या खराब हो गई है, तो आप घर बैठे नई HSRP के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस:
- ऑफिशियल वेबसाइट bookmyhsrp.com पर जाएं।
- “हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट विद कलर स्टीकर” ऑप्शन पर क्लिक करें।
- अपने राज्य, गाड़ी नंबर और चेसिस नंबर जैसी जानकारी भरें।
- होम डिलीवरी या नजदीकी शोरूम में प्लेट लगाने के विकल्प को चुनें।
- डेबिट/क्रेडिट कार्ड या UPI से पेमेंट करें।
- सबमिट करने के बाद आपको एप्लिकेशन नंबर मिलेगा, जिससे आप अपनी HSRP बुकिंग ट्रैक कर सकते हैं।
ध्यान देने वाली बात
अगर आपके पास टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर है, तो HSRP नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। इसे लगवाने से ट्रैफिक चालान और गाड़ी जब्ती से बचा जा सकता है। आप ऑनलाइन घर बैठे आसानी से HSRP के लिए आवेदन कर सकते हैं।
