दिल्ली में ई-रिक्शा चलाने वालों के लिए बदल सकते हैं नियम, रजिस्ट्रेशन से लेकर रूट तक पर सख्ती

Delhi E-Rickshaw Policy: दिल्ली में ई-रिक्शा की संख्या को कम करने के लिए सरकार ने संचालन को व्यवस्थित करने की तैयारी नई ड्राफ्ट पॉलिसी को सामने रखा है। जिसमें आने वाले कई नियमों पर बात हुई है।
Rules for e-rickshaw operators in Delhi may change registration to routes
e-rickshaw के लिए नियम में हुए बदलाव।Source. Meta AI
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Highlight:

  • ई-रिक्शा को लेकर बड़े बदलाव भविष्य में हो सकते है।

  • इसके लिए सरकार ने नई ड्राफ्ट पॉलिसी पेश कि है।

  • नियम लागू होने पर केवर 4 सवारी को ही क बार में बैठाया जाएगा।

  • ई-रिक्शा के लिए सरकार नया ऐप भी लाने वाली है।

Delhi E-Rickshaw Rules 2026: दिल्ली की सड़कों पर बढ़ती ई-रिक्शा की संख्या के बीच सरकार इनके संचालन को व्यवस्थित करने की तैयारी कर रही है। बता दें कि ट्रैफिक जाम, अवैध पार्किंग और व्यस्त सड़कों पर ई-रिक्शा की आवाजाही जैसी समस्याओं को देखते हुए नई ड्राफ्ट पॉलिसी की चर्चा हो रही है। इसके तहत ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन, तकनीकी मानकों, निर्धारित रूट और पार्किंग को लेकर नियम सख्त किए जा सकते हैं।

लेकिन ड्राफ्ट पॉलिसी और लागू हो चुके नियमों में अंतर है। जब तक सरकार अंतिम नीति और उसकी प्रभावी तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं करती तब तक प्रस्तावित प्रावधानों को लागू नियम मानना सही नहीं होगा। ऐसे में ई-रिक्शा चालकों और मालिकों के लिए यह जानना जरूरी है कि किन बदलावों का प्रस्ताव सामने आया है।

ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन और तकनीकी मानक होंगे अहम

प्रस्तावित नीति में बताया गया है कि ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन और दस्तावेजों की जांच पर जोर दिया जा सकता है। वहीं पुराने और नए वाहनों के रिकॉर्ड को परिवहन विभाग के ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने की व्यवस्था भी प्रस्ताव का हिस्सा बताई जा रही है।

इसके अलावा ई-रिक्शा की बैटरी और वाहन की बनावट निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप रखने पर जोर दिया जा सकता है। ऐसे में बिना मानकों के तैयार किए गए या अनधिकृत तरीके से मॉडिफाई किए गए वाहनों पर कार्रवाई का प्रावधान भी प्रस्तावित बताया जा रहा है। लेकिन पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क की दर और इसके लागू होने की शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

रूट, सवारी और ड्राइविंग लाइसेंस पर भी सख्ती

ड्राफ्ट स्कीम के मुताबिक दिल्ली में ई-रिक्शों की कुल संख्या 2.5 लाख तक सीमित करने का प्रस्ताव है। अभी के लिए इनकी अनुमानित संख्या इससे काफी अधिक बताई जाती है। हर वाहन के लिए डिजिटल E-Rickshaw Compliance Certificate (ECC) अनिवार्य करने की भी बात सामने आई है। इस प्रमाणपत्र में वाहन, मालिक, चालक, लाइसेंस, फिटनेस और इंश्योरेंस से जुड़ी जानकारी दर्ज होगी।

वहीं प्रस्ताव में एक ई-रिक्शा में चालक के अलावा अधिकतम चार यात्रियों को बैठाने और 25 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति सीमा का प्रावधान भी बताया गया है। साथ ही चालक के पास वैध लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज होना जरूरी होगा। लेकिन रूट और नो-गो जोन से जुड़े नियमों का अंतिम विवरण आधिकारिक स्कीम जारी होने पर ही स्पष्ट हो पाएगा।

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नियम तोड़ने पर क्या हो सकती है कार्रवाई?

प्रस्तावित नीति में बिना जरूरी प्रमाणपत्र के ई-रिक्शा चलाने और नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की बात सामने आई है। जिसमें कुछ मामलों में जुर्माना, वाहन जब्त करने या अनधिकृत वाहन के खिलाफ अन्य कार्रवाई का प्रावधान हो सकता है। लेकिन जुर्माने की सटीक राशि और कार्रवाई की प्रक्रिया अंतिम नियमों से ही तय कि जा सकती है।

वैसे अभी के लिए यह ड्राफ्ट स्कीम है और सरकार ने जनता व संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव मांगे हैं। इसलिए ई-रिक्शा चालकों को किसी वायरल दावे पर भरोसा करने के बजाय दिल्ली परिवहन विभाग की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।

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