

Tips For New Female Drivers: कार चलाना सीखना आज के समय में सिर्फ एक स्किल नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता का अहम हिस्सा है। खासकर नई महिला ड्राइवरों के लिए पहली बार सड़क पर कार लेकर निकलना थोड़ा डरावना हो सकता है। ऐसे में स्टेयरिंग संभालने से लेकर ट्रैफिक, पार्किंग और लेन बदलने तक कई चीजें एक साथ ध्यान में रखनी पड़ती हैं। लेकिन सही तरीके से प्रैक्टिस की जाए तो धीरे-धीरे यही घबराहट आत्मविश्वास में बदल सकती है।
सलाह दी जाती है कि कार स्टार्ट करने से पहले सीट को इस तरह एडजस्ट करें कि पैडल आसानी से दब सकें और स्टेयरिंग पर हाथ रखते समय शरीर पर ज्यादा दबाव न पड़े। इसके बाद IRVM और दोनों ORVM को सही तरीके से सेट करें। इससे पीछे और साइड से आने वाली गाड़ियों को देखने में आसानी होगी। साथ ही सीटबेल्ट लगाना भी हर बार कार चलाने से पहले की आदत बन जाए तो सफर काफी आसान और सुरक्षित हो जाता है।
किसी भी नई ड्राइवर को बताया जाता है कि पहले दिन ही भीड़भाड़ वाली सड़क पर जाने की जरूरत नहीं है। किसी खाली मैदान, पार्किंग एरिया या कम ट्रैफिक वाली सड़क पर अभ्यास करें। वहीं शुरुआत में कार को धीरे चलाना, रोकना, मोड़ना और रिवर्स करना सीखें ताकी बाद में किसी तरह की परेशानी ना हो। वहीं अगर कार मैनुअल है तो क्लच कंट्रोल पर खास ध्यान दें। क्लच को अचानक छोड़ने के बजाय धीरे-धीरे उठाने की आदत डालें। इससे कार बंद होने या झटके लेने की समस्या कम हो जाती है।
कभी भी लेन बदलते या मोड़ लेते समय जल्दबाजी न करें। पहले मिरर चेक करें, फिर इंडिकेटर दें और उसके बाद ही दिशा बदलें। यह छोटी-सी आदत सड़क पर आपकी सुरक्षा काफी बढ़ा सकती है। साथ ही आगे चल रही गाड़ी से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। सामने वाला अचानक ब्रेक लगाए तो आपके पास प्रतिक्रिया देने के लिए पर्याप्त समय होना चाहिए।
देखा गया है कि किसी भी नई ड्राइवरों के लिए पार्किंग अक्सर सबसे मुश्किल हिस्सा रहता है। इसका आसान तरीका है कि रोजाना एक ही जगह पर कुछ समय पार्किंग की प्रैक्टिस करें। वहीं पहले सीधे पार्किंग और रिवर्स सीखें फिर धीरे-धीरे समानांतर पार्किंग पर जाएं। अगर ट्रैफिक में कोई पीछे से हॉर्न बजाए या जल्दी करने का दबाव बनाए तो घबराकर स्पीड न बढ़ाएं। अपनी सुरक्षित गति बनाए रखें और नियमों का पालन करें।
वहीं सबसे जरूरी बात कॉन्फिडेंस का मतलब तेज गाड़ी चलाना नहीं बल्कि सही समय पर सही फैसला लेना है। इसके लिए शुरुआत में धीरे चलें, लगातार अभ्यास करें और जरूरत पड़ने पर किसी प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर की मदद लें। कुछ समय बाद वही सड़कें जो आज मुश्किल लग रही हैं आपको बिल्कुल सामान्य लगने लगेंगी।