नई कार खरीद रहे हैं? आगे लगी इस लाइट को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी

DRL Lights: सड़क पर निकलते ही अगर आप किसी नई कार को देखते हैं, तो उसके आगे की तरफ पतली और चमकदार लाइट जरूर नजर आती है। ज्यादातर लोग मानते हैं कि ये लाइटें सिर्फ कार को स्टाइलिश और महंगी दिखाता है।
Buying a new car Ignoring this light on the dashboard could prove costly.
DRL Lights For Car (Source. Freepik)
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Car Safety Features: आजकल सड़क पर निकलते ही अगर आप किसी नई कार को देखते हैं, तो उसके आगे की तरफ पतली और चमकदार लाइट जरूर नजर आती है। ज्यादातर लोग मानते हैं कि ये लाइटें सिर्फ कार को स्टाइलिश और महंगी दिखाने के लिए होती हैं, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। इन लाइटों का असली मकसद सुंदरता नहीं, बल्कि सुरक्षा यानी सेफ्टी है। इन्हें DRL कहा जाता है, जिसका पूरा नाम Daytime Running Lights है।

क्या होती हैं DRL लाइटें?

DRL ऐसी लाइटें होती हैं जो दिन के समय गाड़ी स्टार्ट होते ही अपने-आप जल जाती हैं। इन्हें ड्राइवर को अलग से ऑन करने की जरूरत नहीं पड़ती। इनका काम सड़क को रोशन करना नहीं, बल्कि गाड़ी को दूर से ही साफ-साफ दिखाई देना होता है, ताकि सामने से आ रही गाड़ियां, पैदल चलने वाले और बाइक सवार समय रहते सावधान हो सकें।

सेफ्टी है वजह

विशेषज्ञों के मुताबिक, दिन के समय भी कई ऐसे हालात होते हैं जब सामने से आती गाड़ी ठीक से नजर नहीं आती। सुबह और शाम की हल्की रोशनी, तेज धूप और छांव का फर्क, बारिश, धुंध या कोहरा इन सभी स्थितियों में विजिबिलिटी कम हो जाती है। ऐसे में DRL गाड़ी की मौजूदगी को साफ तौर पर दिखाती हैं, जिससे एक्सीडेंट की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है।

कई देशों में अनिवार्य है ये फीचर

यूरोप और कई दूसरे विकसित देशों में DRL को कानूनी तौर पर अनिवार्य कर दिया गया है। वहां की गई रिसर्च में सामने आया है कि जिन गाड़ियों में DRL लगी होती हैं, उनमें दिन के समय होने वाले सड़क हादसे कम होते हैं। इसी अनुभव को देखते हुए भारत में भी अब ज्यादातर नई कारों में DRL को स्टैंडर्ड फीचर के रूप में दिया जा रहा है।

गाड़ियों में क्यों बढ़ रहा है DRL का इस्तेमाल?

DRL आमतौर पर LED तकनीक पर आधारित होती हैं। LED होने की वजह से ये कम बिजली खर्च करती हैं और गाड़ी के माइलेज पर भी कोई खास असर नहीं डालतीं। ये ज्यादा गर्म नहीं होतीं और लंबे समय तक चलती हैं। यही कारण है कि पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक सभी तरह की गाड़ियों में DRL का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

DRL और हेडलाइट में अंतर समझना जरूरी

यह समझना बेहद जरूरी है कि DRL और हेडलाइट एक जैसी चीज नहीं हैं। DRL सिर्फ दिन के लिए होती हैं, जबकि रात या अंधेरे में हेडलाइट का इस्तेमाल करना जरूरी होता है। कई बार DRL जलने की वजह से ड्राइवर रात में हेडलाइट ऑन करना भूल जाते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है।

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