Budget 2026: अब सस्ती चलेगी CNG गाड़ी, बायोगैस मिक्स पर टैक्स खत्म, जेब और हवा दोनों को राहत
Budget 2026 CNG: खेतों में बची पराली, शहरों का कूड़ा और उससे बनी बायोगैस अब सिर्फ पर्यावरण बचाने की पहल नहीं रही, बल्कि आम आदमी की जेब से भी सीधा जुड़ गई है।
- Written By: सिमरन सिंह
CNG Vehicle Budget 2026 (Source. Design)
Biogas Mix CNG: खेतों में बची पराली, शहरों का कूड़ा और उससे बनी बायोगैस अब सिर्फ पर्यावरण बचाने की पहल नहीं रही, बल्कि आम आदमी की जेब से भी सीधा जुड़ गई है। केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसका असर सीधे वाहन चलाने वालों पर दिखेगा। बजट के मंच से ऐलान किया गया कि बायोगैस मिक्स सीएनजी (Bio-CNG Mix) पर टैक्स का बोझ नहीं पड़ेगा, यानी अब गाड़ी चलाना थोड़ा और सस्ता होगा और हवा भी कुछ ज्यादा साफ।
बजट में बड़ा ऐलान, टैक्स कैलकुलेशन बदला
संसद में अपना नौंवा बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि अब बायोगैस मिक्स सीएनजी पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी की गणना करते समय बायोगैस के पूरे मूल्य को बाहर रखा जाएगा। इसका मतलब साफ है जिस हिस्से में बायोगैस शामिल है, उस पर अब कोई केंद्रीय उत्पाद शुल्क नहीं लगेगा। पहले बायोगैस की कीमत भी टैक्स के दायरे में आती थी, जिससे सीएनजी महंगी पड़ती थी।
क्या है बायोगैस मिक्स सीएनजी और क्यों है खास
बायोगैस खेतों के कचरे, फसल के अवशेष और शहरों के जैविक कूड़े से तैयार की जाती है। इसे रेगुलर सीएनजी में मिलाकर एक कम कार्बन वाला ईंधन बनाया जाता है। यही वजह है कि यह फ्यूल पर्यावरण के लिहाज से ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी इसकी मांग बढ़ रही है और कई कंपनियां इस फ्यूल पर चलने वाले वाहन बाजार में उतार रही हैं।
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पहले क्या था नियम, क्यों महंगी पड़ती थी CNG
साल 2023 में सरकार ने बायोगैस को लेकर आंशिक राहत जरूर दी थी, लेकिन तब सिर्फ बायोगैस पर दिए गए जीएसटी को ही एक्साइज ड्यूटी से घटाया जाता था। बायोगैस के पूरे मूल्य पर छूट नहीं मिलती थी, जिससे टैक्स का दोहरा असर बना रहता था।
फिलहाल रेगुलर सीएनजी पर करीब 14 प्रतिशत सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगती है, यानी प्रति किलो लगभग 14–15 रुपये टैक्स जुड़ जाता है। पुराने नियमों में बायोगैस मिक्स सीएनजी पर भी बायोगैस वाले हिस्से पर करीब 9 प्रतिशत तक टैक्स देना पड़ता था।
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नई पॉलिसी से आम आदमी को कितनी राहत
नए ऐलान के बाद बायोगैस के पूरे मूल्य पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इससे CNG की कीमत प्रति किलो कुछ रुपये तक कम हो सकती है। यह राहत सीधे यूजर्स तक पहुंचेगी।
सीएनजी से चलने वाली कार, ऑटो और ट्रक चलाने वालों की लागत घटेगी, खासकर कमर्शियल वाहन ऑपरेटरों को डीजल के मुकाबले सस्ता विकल्प मिलेगा। सरकार का यह कदम न सिर्फ किफायती ईंधन देगा, बल्कि तेल आयात पर निर्भरता कम करने और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
