Budget 2026: कार सस्ती होगी या नहीं? ऑटो सेक्टर को इस बार भी झटका

Budget 2026 Auto Sector: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर आम जनता से लेकर ऑटो इंडस्ट्री तक, हर किसी की निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण पर टिकी हुई थीं।
Budget 2026 cars become cheaper or not auto sector faces another setback this time.
Budget 2026 auto sector (Source. Design)
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Auto Industry Plan in Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आम जनता से लेकर ऑटो इंडस्ट्री तक, हर किसी की निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण पर टिकी हुई थीं। उम्मीद की जा रही थी कि इस बार सरकार आम आदमी और ऑटो सेक्टर के लिए कुछ राहत भरे ऐलान करेगी। लेकिन बजट पेश होते ही साफ हो गया कि इस बार ऑटो सेक्टर सरकार की प्राथमिकता सूची में नहीं रहा। बजट में ऑटो इंडस्ट्री के लिए कोई भी बड़ी या सीधी घोषणा नहीं की गई, जिससे सेक्टर में निराशा का माहौल बन गया।

ईवी और टैक्स कटौती की उम्मीदें टूटीं

ऑटो इंडस्ट्री को इस बार खासतौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), रिसर्च एंड डेवलपमेंट और वाहनों पर लगने वाले टैक्स में राहत की उम्मीद थी। माना जा रहा था कि सरकार ईवी पर टैक्स में कटौती कर सकती है या फिर नई सब्सिडी का ऐलान कर सकती है, जिससे आम लोग इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने के लिए प्रोत्साहित हों। हालांकि, बजट में इस दिशा में कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया। न तो ईवी पर टैक्स घटा और न ही हाइब्रिड वाहनों को लेकर कोई नई राहत दी गई।

घरेलू मैन्युफैक्चरिंग पर भी नहीं मिला सहारा

ऑटो सेक्टर की एक बड़ी मांग यह भी थी कि लोकल सप्लायर्स और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाए। इंडस्ट्री चाहती थी कि वाहनों में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स पर टैक्स कम किया जाए, ताकि लागत घटे और गाड़ियां सस्ती हों। लेकिन बजट में इन मांगों को भी नजरअंदाज कर दिया गया। इससे साफ हो गया कि इस बार सरकार ने ऑटो सेक्टर के लिए कोई खास रोडमैप तैयार नहीं किया है।

EV की बढ़ती बिक्री के बावजूद चुप्पी

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अगर बजट 2026 में सरकार ईवी को लेकर कोई बड़ा ऐलान करती, तो इस सेक्टर को नई रफ्तार मिल सकती थी। ऑटो इंडस्ट्री की मांग थी कि चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जाए, ईवी पर सब्सिडी दी जाए और टैक्स में राहत दी जाए। लेकिन केंद्रीय बजट में इन सभी मांगों पर चुप्पी साध ली गई।

आम ग्राहक को क्या मिला?

बजट से पहले आम आदमी को उम्मीद थी कि शायद कारें या दोपहिया वाहन सस्ते होंगे, लेकिन ऑटो सेक्टर के लिए किसी तरह की राहत न मिलने से यह सपना भी टूट गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार ने ऑटो इंडस्ट्री को सपोर्ट नहीं दिया, तो आने वाले समय में गाड़ियों की कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद करना मुश्किल होगा।

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