छोटे कारों को मिली राहत, BEE ने जारी किए नए फ्यूल-एफिशियंसी ड्राफ्ट नियम

Electric Vehicles India: BEE ने गुरुवार को संशोधित ड्राफ्ट फ्यूल-एफिशियंसी मानक जारी किए। पहली बार छोटे कारों को विशेष रियायतें दी गई हैं।
छोटे कारों को मिली राहत, BEE ने जारी किए नए फ्यूल-एफिशियंसी ड्राफ्ट नियम
क्या है फ्यूल को लेकर खास। (सौ. Pixabay)
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BEE Fuel Efficiency Norms: ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशियंसी (BEE) ने गुरुवार को संशोधित ड्राफ्ट फ्यूल-एफिशियंसी मानक जारी किए। इन नए नियमों में पहली बार छोटे कारों को विशेष रियायतें दी गई हैं। साथ ही, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए प्रोत्साहन भी बरकरार रखा गया है। इस कदम से Maruti Suzuki और Toyota जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

CAFE-3 और CAFE-4 मानक होंगे लागू

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, संशोधित कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल एफिशियंसी (CAFE-3 और CAFE-4) मानक अप्रैल 2027 से मार्च 2037 तक लागू रहेंगे। इन पर ऑटो उद्योग में महीनों तक गहन बहस हुई थी। जहां Maruti Suzuki छोटे कारों के लिए रियायत चाहती थी, वहीं Tata Motors और Mahindra & Mahindra ने इसका विरोध किया था।

छोटे कारों की परिभाषा और रियायत

पहली बार ड्राफ्ट में छोटे कारों की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। इसमें शामिल हैं पेट्रोल वाहन जिनका अनलोडेड मास 909 किग्रा तक हो, इंजन क्षमता 1,200 सीसी तक हो, और लंबाई 4,000 मिमी से अधिक न हो। इन वाहनों को 3 ग्राम प्रति किलोमीटर अतिरिक्त कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कटौती का दावा करने की छूट मिलेगी। हालांकि, यह लाभ किसी भी रिपोर्टिंग अवधि में प्रति मॉडल 9 ग्राम/किमी तक सीमित होगा।

स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड को मिला बढ़ावा

BEE ने पहले के प्रस्ताव को बदलते हुए स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड्स के लिए प्रोत्साहन बनाए रखा है। संशोधित ड्राफ्ट के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) बेड़े की CO₂ कैलकुलेशन में तीन गाड़ियों के बराबर माने जाएंगे। वहीं, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड्स को दो गाड़ियों के बराबर गिना जाएगा। कार्बन न्यूट्रैलिटी फैक्टर (CNF) का प्रावधान नए नियमों में कार्बन न्यूट्रैलिटी फैक्टर (CNF) शामिल किया गया है।

इसके तहत E20–E30 पेट्रोल ब्लेंड पर चलने वाली कारों को उत्सर्जन में 8% की छूट मिलेगी। CNG वाहनों को अधिकतम 5% तक की छूट (बायोगैस ब्लेंडिंग से और ज्यादा)। वहीं, फ्लेक्स-फ्यूल एथेनॉल और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड्स को 22.3% तक का लाभ मिलेगा। यह बदलाव फ्लेक्स-फ्यूल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों को प्रोत्साहित कर सकता है, जिन्हें टोयोटा ने ब्राज़ील में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पेश किया और भारत में भी प्रदर्शित किया है, लेकिन अभी तक बाजार में उतारा नहीं है।

उद्योग से मांगे सुझाव

वर्तमान में भारत में टोयोटा (हाइराइडर, इनोवा हाईक्रॉस, कैमरी) और मारुति सुजुकी (ग्रैंड विटारा, इन्विक्टो) की हाइब्रिड कारें केवल पेट्रोल पर चलने वाली कैटेगरी में आती हैं और इन्हें 8% छूट ही मिलती है। BEE ने इस संशोधित ड्राफ्ट पर 21 दिनों के भीतर स्टेकहोल्डर्स से टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

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