Engine overheating (Source. Freepik)
How to Handle Car in Summer: गर्मियों का मौसम शुरू होते ही सिर्फ इंसान ही नहीं, आपकी कार भी तपने लगती है। तेज धूप और बढ़ता तापमान गाड़ी के इंजन, बैटरी और टायर पर अतिरिक्त दबाव डालता है। अगर समय रहते देखभाल न की जाए तो ओवरहीटिंग, टायर फटना या बैटरी डाउन जैसी समस्याएं अचानक सामने आ सकती हैं। ऐसी स्थिति में न सिर्फ बीच रास्ते परेशानी झेलनी पड़ती है, बल्कि भारी रिपेयर बिल भी भरना पड़ सकता है। खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह खर्च बजट बिगाड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि पूरे सीजन में कार की सही तरीके से देखभाल की जाए।
गर्मी में सबसे आम समस्या है इंजन का ओवरहीट होना। इसका मुख्य कारण कूलेंट की कमी या खराब स्थिति हो सकती है। नियमित रूप से कूलेंट लेवल, रेडिएटर और वॉटर पंप की जांच कराते रहें। यदि कूलेंट कम है तो तुरंत टॉप-अप करें। अगर कूलेंट पुराना हो चुका है, तो उसे बदलवाना बेहतर रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, हर 20,000 किलोमीटर पर कूलेंट बदलवाना सुरक्षित माना जाता है। ध्यान रखें, कूलेंट की अनदेखी से इंजन बंद पड़ सकता है, जिससे बड़ी मैकेनिकल खराबी हो सकती है और हजारों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।
गर्मी में सड़क की सतह और हवा का तापमान दोनों बढ़ते हैं, जिससे टायर के अंदर का प्रेशर भी बढ़ जाता है। ज्यादा प्रेशर टायर फटने का कारण बन सकता है, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। हर हफ्ते या लंबी यात्रा से पहले टायर प्रेशर जरूर चेक कराएं। अगर संभव हो तो टायर में नाइट्रोजन गैस भरवाएं। नाइट्रोजन सामान्य हवा की तुलना में गर्मी को कम प्रभावित करती है, जिससे टायर की लाइफ बढ़ती है और ब्लास्ट होने का खतरा कम होता है। साथ ही, टायर की सतह पर दरार या घिसावट दिखे तो तुरंत बदलवाएं। छोटी सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है।
ये भी पढ़े: कम दाम में लग्जरी का मज़ा, Mahindra की नई XEV 9e Cineluxe Edition लॉन्च, 500KM रेंज और सिनेमा जैसा अनुभव
गर्मी के मौसम में कार की अनदेखी करना महंगा पड़ सकता है। समय पर कूलेंट और टायर की जांच जैसी छोटी सावधानियां आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती हैं। याद रखें, नियमित रखरखाव न सिर्फ गाड़ी की उम्र बढ़ाता है, बल्कि आपकी जेब को भी सुरक्षित रखता है।